
विधायक मेवाराम जैन ने बाड़मेर शहर के बन्द पड़े ठोस कचरा संग्रहण केंद्र के कार्य को शुरू करवाने एवं बाड़मेर शहर के सीवरेज से वंचित क्षेत्र में सीवरेज का कार्य स्वीकृत करवाने का मुद्दा सदन में उठाया। विधायक ने बताया कि वर्ष 2010 में बाड़मेर शहर के पास गेंहू गांव में ठोस कचरे के निस्तारण के लिए प्लांट की स्वीकृत होकर दिल्ली की एक कंपनी को कार्यादेश भी दिया था लेकिन कम्पनी कार्य बीच में छोड़कर चली गई ।
उसके बाद आज तक यह कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वर्तमान में स्थिति यह है कि गेंहू गांव में कचरे के ढेर लग चुके है। मृत पशुओं एवं गन्दे कचरे से आने वाली दुर्गन्ध के कारण आस पास में बसी आबादी बस्तियों में बीमारियां फैल रही है । इसको लेकर प्रभावित लोगों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन कई बार दे चुके है अभी तक इसका समाधान नहीं हो पाया है । विधायक ने बताया कि शहर में सीवरेज से वंचित इलाको में सरकार सीवरेज बिछाये ।
जैन ने कहा कि बाड़मेर शहर का एक तिहाई हिस्सा जो शहर का मुख्य बीच का भाग है जो कि सीवरेज से वंचित है इसलिए जो अन्य इलाको में सीवरेज का कार्य हुआ है वो भी सफ ल नहीं हो पा रहा है अत: अतिशीघ्र शहर के वंचित इलाको में सीवरेज का कार्य शुरू करवाए। सदन में सरकार की और से स्वायत शासन मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने जवाब देते हुए कहा कि बाड़मेर विधायक ने जो मुद्दा सदन में रखा है वाकई गंभीर मुद्दा है ।
सरकार बाड़मेर में ठोस कचरा संग्रहण केंद्र के कार्य को अति शीघ्र शुरू करवाएगी । इसके लिए जल्दी ही टेंडर लगाये जायेगे साथ ही बाड़मेर के वंचित क्षेत्रो में सीवरेज का कार्य शुरू करवाने को लेकर भी सरकार गंभीरता से कार्य करेगी । उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि इसको लेकर आज ही अधिकारियो को दिशा निर्देश दिए जायेगे।