
बाड़मेर. थार में लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को मेघ मेहरबान रहे। शाम को बरसात ने बाड़मेर शहर को तर कर दिया। दोपहर बाद शुरू हुआ बरसात का सिलसिला करीब 1 घंटे से अधिक देर तक चला। शुक्रवार को 45.1 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
संभाग में सबसे अधिक बरसात बाड़मेर में दर्ज हुई है। शहर में लगातार बरसात होने से गर्मी से तो राहत मिल रही है। लेकिन पानी की निकासी नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
नाले का निर्माण बना परेशानी
शहर में धीमी गति से बन रहा नाला बरसात में लोगों के लिए भारी परेशानी बन गया है। रेलवे स्टेशन के सामने की तरफ बन रहे नाले के कारण गंदा पानी सड़क पर बहता है। वहीं बरसात होने पर यह समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में सड़कें लबालब होने से वाहन चालक परेशान हैं। वहीं राहगीर तो निकलने की स्थिति में भी नहीं रहते हैं।
कलक्ट्रेट आवास के बाहर घुटनों तक पानी
शहर में सबसे अधिक समस्या कलक्ट्रेट आवास के बाहर तिराहे पर हो रही है। यहां पर पानी की निकासी नहीं होने से कई वाहन बंद हो गए। परेशान चालक मदद मांगते नजर आए। यहां पर घुटनों तक पानी भरा होने से आवाजाही प्रभावित रही।
पानी का भराव बना परेशानी
-कलक्टर आवास के बाहर
-सेवा सदन के सामने
-शास्त्रीनगर रेलवे फाटक के पास
-सिणधरी चौराहा
-कलक्टे्रट परिसर
शहर के नेशनल हाइवे पर बारिश के दौरान विद्युत ट्रांसफार्मर का पॉल गिर गया। इससे आसपास के इलाकों की बिजली गूल हो गई। पॉल गिरने के दौरान आसपास कोई नहीं होने के कारण बड़ा हादसा टल गया।
इधर करंट से मर गया बैल
शहर के जटियों का नया वास स्थित गंगा मैया मंदिर गली में बारिश के दौरान विद्युत पॉल में करंट आने से बैल की मौत हो गई। प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि बारिश के दौरान सड़क पर जा रहे बैल को करंट ने चपेट में ले लिया। इसके बाद बैल की तड़प तड़प कर मौत हो गई। मोहल्लें वासियों ने डिस्कॉम पर आक्रोश जताया।
बारिश से धंसी सड़क, टैंकर फंसा
शहर के गल्र्स महाविद्यालय के सामने शुक्रवार को बारिश से सड़क धंस गई। यहां से निकल रहा टैंकर गड्ढ़े में धंस गया। गनीमत रही कि पलटा नहीं। काफी मशक्कत के बाद टैंकर को यहां से निकला गया। मुख्य मार्ग होने के कारण यहां आवाजाही भी अधिक रहती है। गड्ढा होने के कारण हादसे की आशंका बढ़ गई है।