
rain water
-पानी की निकासी करने में नगर परिषद प्रशासन के पसीने छूटे
श्रीगंगानगर.
शहर में शुक्रवार को सुबह और दोपहर बाद आई बरसात ने हालात बिगाड़ दिए हैं। जितना पानी बरसा, उससे ज्यादा निकासी कराने में नगर परिषद के पसीने छूट गए हैं। नगर परिषद अधिकारियों ने सार्वजनिक की बजाय दबी जुबान में स्वीकारा कि ऐसे हालात दो दिन और रहे तो स्थिति विकट हो सकती है। पानी निकासी कराने के लिए परिषद अमले ने परम्परागत तरीके अपनाए। सुखाडिय़ा सर्किल पर बरमा और पंखी लगाकर सुखाडिय़ा पार्क में पानी डलवाने की व्यवस्था की, वहीं पुरानी आबादी और गुरुनानक बस्ती के गड्ढों में पानी पहुंचाने के लिए जनरेटरों और मोटरों का संचालन कराया, लेकिन शुक्रवार रात ग्यारह बजे तक स्थिति में ज्यादा बदलाव नहीं आया।
पुरानी आबादी में सबसे ज्यादा पानी बरसने से वहां हालात खराब हैं। टावर रोड और उदाराम चौक क्षेत्र में पानी की निकासी की समस्या फिर खड़ी हो गई है। गड़्ढा क्षेत्र में लोगों के घरों तक पानी पहुंचने लगा है। इधर, जवाहरनगर क्षेत्र और ब्लॉक एरिया में भी पानी की निकासी की समस्या स्थायी बन चुकी है। रविन्द्र पथ, टावर रोड, गोलबाजार, स्टेशन रोड, गोशाला मार्ग, सुखाडिय़ा मार्ग, मीरा मार्ग, गगन पथ, शिव चौक से राजकीय जिला चिकित्सालय तक, ट्रैक्टर मार्केट, बसंती चौक क्षेत्र, सेतिया फार्म के कई इलाके तथा पुरानी आबादी का अधिकांश क्षेत्र पानी से लबालब रहा। आयुक्त सुनीता चौधरी ने बताया कि पानी निकासी के लिए राजस्व अधिकारियों मिलखराज चुघ, जुबेर खान और स्वास्थ्य अधिकारी देवेन्द्रप्रताप सिंह को प्रत्येक क्षेत्र में पानी निकासी के इंतजाम करने के लिए अधिकृत किया गया है।
नगर परिषद कैम्पस में पानी
हालात इस कदर खराब हो गए कि नगर परिषद परिसर में भी पानी ही पानी नजर आया। वहां वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर करीब तीन लाख रुपए खर्च किए हैं, लेकिन बरसाती पानी की निकासी इस परिसर में भी नजर नहीं आई। वहीं गंगासिंह चौक और मल्टीपरपज स्कूल के पास वाले दोनों आरयूबी जलाशय का रूप ले चुके हैं। रेलवे लाइन पार आवाजाही के लिए लोग मीरा चौक के पास आरओबी के माध्यम से गंतव्य स्थल पर जाने को मजबूर हो गए।
मैकेनिकों के यहां लगी भीड़
बरसाती पानी निकासी नहीं होने से कई वाहन खराब हो गए। दुपहिया और चौपहिया वाहन चालकों को अपने वाहन दुरुस्त कराने के लिए मैकेनिकों की सेवाएं लेनी पड़ी। सुखाडिय़ा मार्ग, मीरा मार्ग और रविन््रद्र पथ की सड़कों पर इतने खडढे थे कि वहां से गुजरने के दौरान कई वाहन सवार लोग दुर्घटना के शिकार होते होते बचे।
Published on:
29 Jun 2018 09:59 pm
