बाड़मेर

Rajasthan : अग्निवीर को सैन्य सम्मान संग अंतिम विदाई, बड़े भाई ने सैल्यूट कर दी मुखाग्नि, पूरे गांव के छलके आंसू

Agniveer Jogaram : जिस बेटे को माता-पिता ने देशसेवा के लिए गर्व से सेना में भर्ती करवाया था, शनिवार को उसी बेटे का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर घर लौटा। अग्निवीर जोगाराम जाट को सैन्य सम्मान संग अंतिम विदाई दी गई। बड़े भाई ने सैल्यूट कर मुखाग्नि दी। यह दृश्य देख पूरे गांव के आंसू छलक पड़े।
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Agniveer Jogaram Jat : अग्निवीर जोगाराम जाट को सैन्य सम्मान संग अंतिम विदाई दी गई। फोटो पत्रिका

Agniveer Jogaram : जिस बेटे को माता-पिता ने देशसेवा के लिए गर्व से सेना में भर्ती करवाया था, शनिवार को उसी बेटे का शव तिरंगे में लिपटकर घर लौटा। गिड़ा थाना क्षेत्र के परेऊ के प्रयोग निवासी अग्निवीर जोगाराम की शुक्रवार सुबह पैर फिसलने से टांके में डूबने से मौत हो गई थी। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। शनिवार को गिड़ा अस्पताल से जब तिरंगे में लिपटा जोगाराम का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो माता-पिता और परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। अंतिम विदाई में पूरा क्षेत्र गमगीन हो गया। गिड़ा से परेऊ तक रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर वीर जवान को अंतिम नमन किया।

तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर देखकर छलक पड़े आंसू

हादसे की सूचना के बाद गिड़ा पुलिस ने सेना के अधिकारियों को जानकारी दी। पुलिस की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई और पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा गया। शनिवार को जालीपा आर्मी कैंप तथा जोधपुर स्थित जोगाराम की यूनिट से सैन्य अधिकारी और जवान अंतिम विदाई के लिए पहुंचे। तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिवार का दर्द फूट पड़ा। जिस घर में कुछ समय पहले बेटे के सेना में चयन की खुशी थी, वहां मातम पसरा था।

जोगाराम की पार्थिव देह गिड़ा से परेऊ के लिए रवाना हुई तो रास्तेभर ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए खड़े रहे। जगह-जगह लोगों ने पुष्प अर्पित किए और फूल बरसाकर श्रद्धांजलि दी। युवाओं और ग्रामीणों ने भारत माता के जयकारों के साथ अग्निवीर को अंतिम सम्मान दिया।

Agniveer Jogaram Jat : गांव पहुंचा तिरंगे में लिपटा अग्निवीर जोगाराम जाट का पार्थिव शरीर। फोटो पत्रिका

देशसेवा का सपना अधूरा छोड़ गया

सेना में चयन के बाद जोगाराम के परिवार को उससे कई उम्मीदें थीं। माता-पिता और परिजन चाहते थे कि वह देशसेवा करते हुए परिवार और गांव का नाम रोशन करे। लेकिन एक हादसे ने परिवार के इन सपनों को पलभर में तोड़ दिया। जिस उम्र में जोगाराम को सेना की जिम्मेदारियों के साथ अपने भविष्य के सपने बुनने थे, उसी उम्र में वह हमेशा के लिए अपनों से दूर चला गया।

गार्ड ऑफ ऑनर से दी अंतिम सलामी

सैन्य अधिकारियों और जवानों की मौजूदगी में जोगाराम का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सैन्य टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। इस दौरान भारत माता के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। अंतिम विदाई का सबसे भावुक पल तब आया, जब जोगाराम के बड़े भाई सवाईराम ने नम आंखों से अपने भाई को सैल्यूट किया और मुखाग्नि दी। भाई को अंतिम विदाई देते समय सवाईराम का दर्द देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

अंतिम संस्कार के दौरान गिड़ा तहसीलदार रमेश कुमार, गिड़ा थानाधिकारी अचलाराम, विकास अधिकारी हेमाराम चौधरी सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। सैन्य अधिकारियों, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने जोगाराम को श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।

Updated on:
29 Aug 2026 05:58 pm
Published on:
29 Aug 2026 05:55 pm