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Rajasthan: सरहद पर सजी जवानों की कलाई, बेटियों ने बांधे रक्षा सूत्र, लगे भारत माता के जयकारे

भारत-पाक सीमा पर रक्षाबंधन का पर्व देशभक्ति और भाई-बहन के स्नेह से सराबोर नजर आया। गागरिया की बेटियों ने सरहद पर तैनात सेना और BSF जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपना भाई माना। राखी बंधने के बाद जवान भावुक हो उठे और बोले- हमारी सूनी कलाई आज बहनों के प्यार से भर गई।
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Raksha Bandhan

Raksha Bandhan: फौजी भाइयों को राखी बांधती स्कूली छात्राएं (फोटो-पत्रिका)

बाड़मेर। रक्षाबंधन के अवसर पर भारत-पाक सीमा पर तैनात जवानों की कलाईयां राखियों से सज उठीं। सीमा जन कल्याण समिति, विश्व हिंदू परिषद, विद्या भारती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और वीर तेजाजी उच्च माध्यमिक विद्यालय गागरिया के विद्यार्थियों द्वारा इंडियन आर्मी व बीएसएफ के जवानों को रक्षा सूत्र बांधे गए। इस दौरान 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के उद्घोष के साथ जवानों की हौसलाफजाई की गई।

राजस्थान पत्रिका के 'रक्षकों की राखी' अभियान के तहत शुक्रवार को भारत-पाक सीमा पर तैनात जवानों की कलाईयों पर बेटियों ने राखी बांधी। गागरिया स्थित वीर तेजाजी उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्कूली बालिकाओं ने बॉर्डर पर भारतीय सेना कैंप में पहुंचकर जवानों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधे और मिठाई खिलाकर लंबी उम्र की कामना की। ड्यूटी पर गए जवानों के लिए भी राखियां भेंट की गईं।

जवान बोले - आज सूनी कलाई भर गई

बॉर्डर पर आयोजित कार्यक्रम में जवानों ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए सौभाग्यशाली है, जब एक साथ इतनी बहनों ने हमें राखियां बांधी हैं। हमारी सूनी कलाई आज पूरी भर गई है।

24 घंटे सर्दी-गर्मी और बरसात में भारत-पाक सीमा पर मुस्तैदी से तैनात बीएसएफ व आर्मी के जवानों को जब रक्षा सूत्र बांधे गए तो उन्हें अपनी बहनों के साथ पूरे परिवार की खुशियां याद आ गईं। भावुक हुए जवानों ने इस पहल के लिए राजस्थान पत्रिका का आभार जताया।
सीमा सुरक्षा बल की 76वीं वाहिनी की ओर से सभी देशवासियों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की बधाई दी गई। बीएसएफ जवानों ने देश की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखना अपना प्रथम कर्तव्य बताया।

फौजी के लिए देश की सुरक्षा ही सबसे बड़ा त्योहार

जवानों ने पत्रिका को बताया कि मेरी 22 साल की नौकरी में मैं आज तक केवल दो या तीन बार ही अपनी बहन के साथ रक्षाबंधन मना सका हूं। लेकिन एक जवान के लिए देश की सुरक्षा ही सबसे बड़ा त्योहार है।

जवानों ने कहा कि हमारे लिए सभी त्योहार बॉर्डर पर ही मनाए जाते हैं और यह भी एक परिवार जैसा ही लगता है। कर्तव्य प्रथम, बाकी सब बाद में। जब छुट्टी पर जाते हैं तो छुट्टी का एक-एक दिन, हर पल हमारे लिए त्योहार होता है। प्रत्येक त्योहार पर स्थानीय ग्रामीण भी आकर हौसलाफजाई करते हैं। हमें कभी अकेलापन महसूस नहीं होने देते हैं। आज भी इन बालिकाओं द्वारा हमारी कलाई पर राखी बांधी गई, यह बहुत ही खुशी की बात है।

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