Barmer News : चार दिन पहले सड़क हादसे में माता-पिता खो चुके गरीब परिवार की सात पुत्रियों और एक पुत्र की मदद के लिए समाज ने मानवता की यादगार इबारत लिख दी है।
रावताराम सारण/सिणधरी (बाड़मेर)। चार दिन पहले सड़क हादसे में माता-पिता खो चुके गरीब परिवार की सात पुत्रियों और एक पुत्र की मदद के लिए समाज ने मानवता की यादगार इबारत लिख दी है। बाड़मेर जिले के गुडामालानी के मालपुरा गांव निवासी खेतराम भील और उसकी पत्नी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई।
चार साल का बेटा दुर्घटना की वजह से जोधपुर के अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। खेतराम के बेटे-बेटियों की मदद के लिए हर वर्ग व तबके के लोग तत्काल आगे आए और चार दिन में ही 1 करोड़ 47 लाख रुपए बेटियों के खाते में जमा हो गए हैं। परिवार दो कच्चे झोंपे और एक कच्ची ईंटों के बने कमरे में रहता है। गरीब परिवार को अब एक छत की दरकार है।
मां-बाप नहीं लौटा सकते पर फिक्र मत करना...: आठों भाई-बहन के लिए पढ़ाई, शादी, मकान, अनाज और जरूरत के हर सामान की मदद समाज ने की है। जो आया वे बेटियों के सिर पर हाथ रखकर यही कहता गया-बेटा-मां-बाप नहीं लौटा सकते...,बाकी फिक्र मत करना। अनाथ हुई बेटियों की आंखों में मां-बाप खोने का दर्द तो है, लेकिन समाज की पहल से दुख की घड़ी में उन्हें तसल्ली मिली है।
बेटा-बहू खोने के बाद बेसुध मां
खेताराम के परिवार में सबसे बड़ी बेटी 11वीं कक्षा में है। बाकी 6 लड़कियां अलग-अलग कक्षा में पढ़ाई कर रही हैं। खेताराम की मां बुजुर्ग है, जो अपने पुत्र व पुत्र वधू को खोने के बाद बेसुध है और बच्चों को ढाढस बंधा रही है।
कलक्टर भी पहुंचे
जिला कलेक्टर लोकबंधु मृतक खेताराम भील के घर मालपुरा गांव पहुंचे उन्होंने भी राज्य सरकार की ओर से देय सभी मदद जल्दी दिलवाने का वादा किया।
14 लाख की मदद लेकर पहुंचे
भाजपा प्रदेश संगठन मंत्री के के विश्नोई 14 लाख की मदद राशि लेकर पहुंचे जो तेलंगाना, गांधीनगर, राजस्थान के विभिन्न संगठनों,व्यक्तियों व विश्नोई समाज की ओर से उन्होंने परिजनों को सुपुर्द की और अपनी तरफ से एकमुश्त सहयोग किया।