Ratneswar Maha Dev Mandir Karachi: मानवेन्द्रसिंह जसोल बीते वर्ष अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान रत्नागिरी महादेव मंदिर होकर आए । वे कहते है कि पाकिस्तान में इस मंदिर के दर्शन करने पहुंचा। क्लींफटन कराची के समुद्र के किनारे ही पहाड़ में एक गुफा में रत्नागिरी महादेव का मंदिर है।
Ratneswar Maha Dev Mandir Karachi: पाकिस्तान में भी प्रथम पूज्य गणपति की पूजा हो रही है। मोदक चढ़ाए जा रहे है और आरती की गूंज। समुद्र के किनारे गुफा में जहां गणपति विराजित है, वहां चमत्कारिक रूप से मीठा पानी गुफा में आता है। रत्नागिरी महादेव मंदिर के गणपति से आशीष लेने पाकिस्तान में हिन्दू परिवार आते है और इसमें मराठा अधिक है।
पूर्व सांसद मानवेन्द्रसिंह जसोल बीते वर्ष की गई अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान यहां होकर आए । वे कहते है कि पाकिस्तान में इस मंदिर के दर्शन करने पहुंचा। क्लींफटन कराची के समुद्र के किनारे ही पहाड़ में एक गुफा में रत्नागिरी महादेव का मंदिर है। इस मंदिर में गणपति की प्रतिमा विराजित है। खूबसूरत औैर नैसर्गिक सुन्दरता वाले इस स्थान में जहां गणपति विराजित है वहां निकट में सालभर तक मीठा पानी आता है, यह मंदिर स्थल का चमत्कार माना जाता है।
कराची में यहां क्लींफटन में मराठा परिवार रहते है, जिनके लिए प्रथम पूज्य गणपति का उत्सव महत्वपूर्ण है। गणेश की प्रतिमाएं पाकिस्तान में भी मिलती है, लेकिन ये परिवार दुबई से मूर्ति मंगवाते है और इसका विसर्जन क्लींफटन के पास ही समुद्र में किया जाता है। मोदक और प्रसाद का निर्माण यहां माराठी महिलाएं करती हैं। यह मंदिर 76 साल से यहां है। मराठी नाईक परिवार ने इसकी स्थापना की थी और अब उनके परिवार के सदस्य इसकी पूजा-सारसंभाल की जिमेदारी में है।
पाकिस्तान में मराठा परिवार रहते है। ये परिवार कराची में ज्यादा है। 76 साल पहले यहां महादेव मंदिर की स्थापना की गई। इस महादेव मंदिर में ही गणपति को विराजित किया गया। भारत-पाक के संबंधों में खटास आई लेकिन यहां पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगा। हिन्दू परिवार शिवरात्रि, गणेश महोत्सव और अन्य अ वसर पर यहां एकत्रित होते है। यहां पूजा पाठ करते है। कराची आने वाले अधिकांश हिन्दू भी इस मंदिर के दर्शन को पहुंचते है।
-गणपतसिंह, कराची पाकिस्तान