- हर दिन ग्रामीण, उद्यमी, श्रद्धालु उठाते हंै परेशानी- राष्ट्रीय राजमार्ग जोधपुर-बाड़मेर से जुड़ी है सड़क
बालोतरा.
जसोल फांटा-गांव तिलवाड़ा खस्ताहाल सड़क के निर्माण की स्वीकृति के कई माह बीत चुके हैं, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग ने अभी तक कार्य शुरू तक नहीं करवाया। इस पर आवागमन को लेकर हर दिन जसोल व एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों, श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ती है। रेत के उड़ते गुबार पर हादसे होते-होते बचते हंै।
जसोल फांटा- तिलवाड़ा गांव सड़क कई वर्षों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। 12 किलोमीटर दूरी की इस रोड का अधिकांश भाग क्षतिग्रस्त है। कई जगह सड़क का नामोनिशान ही नहीं है। डामर के जगह रेत फैली दिखाई देती है। इस पर आवागमन को लेकर दिक्कत होती है।
प्रमुख सड़क मार्ग,अनदेखी पड़ रही भारी-जसोल फांटा-तिलवाड़ा सड़क प्रमुख मार्ग है। इस पर तेमावास, बामसीन, मण्डापुरा, पालिया, मल्लीनाथ थान मंदिर, रूपादे मंदिर पालिया, तिलवाड़ा गांव है। इसके अलावा बड़ी संख्या में जसोल के कारखाने हैं। यह सड़क तिलवाड़ा से जोधपुर-बाड़मेर राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ता है। बाड़मेर व क्षेत्र के श्रद्धालु नाकोड़ा तीर्थ, माता राणी भटियाणी, ब्रह्मधाम दर्शन के लिए इसीका उपयोग करते हैं। शुक्ल पक्ष में हजारों श्रद्धालु इस सड़क से आवागमन करते हंै। ऐसे में खस्ताहाल सड़क पर इन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। मार्ग स्वीकृति के बावजूद विभाग के इसका निर्माण नहीं करने से ग्रामीण, उद्यमियों व श्रद्धालुओं में अधिक रोष है।
शीघ्र निर्माण करवाएं - जसोल फांटा- तिलवाड़ा मार्ग प्रमुख तीर्थों व राष्ट्र्रीय राजमार्ग से जुड़ा हुआ है। हर दिन हजारों जने इससे आवागमन करते हंै। सार्वजनिक निर्माण विभाग शीघ्र निर्माण करवाएं। - अशोक ढेलडिय़ा, उद्यमी
सुनवाई नहीं हो रही- स्वीकृति के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग सड़क निर्माण पर ध्यान नहीं दे रहा। हर रोज परेशानी होती है, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - गौतम गहलोत, पंचायत समिति सदस्य
शीघ्र निर्माण करवाएं - जसोल फांटा- तिलवाड़ा मार्ग प्रमुख तीर्थों व राष्ट्र्रीय राजमार्ग से जुड़ा हुआ है। हर दिन हजारों जने इससे आवागमन करते हंै। सार्वजनिक निर्माण विभाग शीघ्र निर्माण करवाएं। - अशोक