- कई बार की मांग, नहीं शुरू की बस सेवा - ग्रामीणों में रोष
बालोतरा.रामपुरा से सिवाना तक संचालित ग्रामीण रोडवेज सेवा के एक वर्ष से अधिक समय से बंद होने से एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण परेशान है। कई गांवों के ग्रामीणों को समीप के गांवों तक पहुंच बस पकडऩी पड़ती है। एक से दूसरे गांव के बीच अधिक दूरी व सामान होने पर यात्रियों का दमफूल जाता है। परेशान ग्रामीणों के प्रशासन, जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत करवाने के बावजूद इनके बंद बस का संचालन शुरू नहीं करवाने से इनमें रोष है।
जिला सीमा के आखिरी गांव रामपुरा से उपखंड मुख्यालय सिवाना तक आवागमन के अधिक साधन नहीं है। इस पर वर्षों से ग्रामीणों की मांग पर करीब दो वर्ष पूर्व सरकार ने रामपुरा से सिवाना तक ग्रामीण रोडवेज बस सेवा शुरू की थी। इससे क्षेत्र भर के ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे थे। एक वर्ष भर बस का संचालन होने से ग्रामीणों को आवागमन में अच्छी सुविधा मिल रही थी, लेकिन गत एक वर्ष से अधिक समय से बस का संचालन बंद कर देने से ग्रामीणों को पहले की तरह परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
पैदल चल पकडऩी पड़ती है बस - पूर्व में रामपुरा से सुबह 7.15 बजे बस रवाना होती, जो मियों का बाड़ा, मोहनपुरा, पातों का बाड़ा, खरंटिया, कोटड़ी, भानावास, रनियादेशीपुरा, समदड़ी, राखी बामसीन होते हुए सुबह 10.30 बजे सिवाना पहुंचती।यहां से वापसी में सुबह 11.15 बजे रवाना होकर दोपहर दो बजे रामपुरा पहुंचती। रामपुरा से दोपहर 2.15 बजे रवाना होकर शाम 4.30 बजे सिवाना व सिवाना से 5.15 रवाना होकर 7.30 बजे रामपुरा पहुंचती। बस के गांव तक पहुंचने पर कई गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में अच्छी सुविधा मिलती थी, लेकिन बस बंद होने पर कई गांवों के ग्रामीणों को दो से चार किलोमीटर दूरी तय कर व अन्य गांवों तक पहुंच बस पकडऩी पड़ती है।
बस बंद होने से परेशानी - वर्षों के इंतजार बाद शुरू हुई ग्रामीण रोडवेज बस वरदान बनी हुई थी। आवागमन सुलभ था। बंद होने पर अब कई किलोमीटर पैदल चल बस पकडऩी पड़ती है। आमजन परेशान हैं। - लूंबगिरी
अवगत करवाया, लेकिन कार्रवाई नहीं- बस सेवा बंद होने से बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों की परेशानी बढ़ गई है। कई बार प्रशासन, जनप्रतिनिधियों से इसे शुरू करवाने की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। बस फिर से शुरू करें। - अरविंद दवे