बाड़मेर

सीआइडी-सीबी ने अमराराम मामले की शुरु की जांच, पचपदरा में आरोपियों से बरामद गाड़ी से जुटाए साक्ष्य

- आइपीएस गौरव यादव के नेतृत्व गठित एसआइटी कर रही है मामले की जांच
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Updated: 27 Dec 2021, 8:31 PM IST
Barmer news
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पचपदरा/बाड़मेर.
आरटीआइ कार्यकर्ता के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट, हाथ पांव तोडऩे और पांवों के कीले ठोकने के मामले की जांच मुख्यमंत्री की ओर से सीआइडी-सीबी को सौंपने के दूसरे दिन रविार को जयपुर से सीआइडी-सीबी की टीम पचपदरा थाने पहुंची। जहां जांच अधिकारी के साथ विस्तृत चर्चा के बाद जांच शुरू की गई।


सीआइडी-सीबी पुलिस अधीक्षक गौरव यादव के नेतृत्व में जांच टीम पचपदरा थाने पहुंचा। टीम में शामिल अधिकारियों ने पुलिस की ओर से गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ की। साथ आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त जब्त स्कोर्पियो गाड़ी से एफएसएल टीम ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए है। इस दौरान पचपदरा थानाधिकारी प्रदीप डांगा, बाड़मेर पुलिस अधीक्षक कार्यालय क्राइम ब्रांच प्रभारी हरचंद देवासी, तत्कालीन गिड़ा थानाधिकारी जयराम मुडेल भी मौजूद रहे। सीआइडी-सीबी की टीम में डिप्टी जितेन्द्रसिंह सहित सीआई व अन्य अधिकारी शामिल है।


सीआइडी-सीबी पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने मामले की निष्पक्ष व जल्द अनुसंधान करने के लिए जांच सौंपी है। जोधपुर में पीडि़त अमराराम से मुलाकात कर घटनाक्रम की जानकारी ली है। पीडि़त ने जो भी तथ्य बताए है, उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा। एफएसएल टीम की ओर से लिए गए नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भिजवाया जाएगा।


घटनास्थल पहुंचे टीम के साथ
एसपी यादव मय टीम बाड़मेर पुलिस के साथ घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने आधार पर घटनास्थल का निरीक्षण किया। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। इस दौरान जांच अधिकारी से सम्पूर्ण चर्चा की गई। इससे पहले एसपी गौरव यादव जोधपुर के एमडीएम अस्पताल पहुंचे, जहां भर्ती आरटीआई कार्यकर्ता अमराराम से मुलाकत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

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