कांग्रेस : सरकार के मंत्री की नहीं सुनते अधिकारी, हमारी क्या सुनेंगे - जिला परिषद की बैठक: हंगामा, आरोप प्रत्यारोप का दौर, कलक्टर ने दी नसीहत
बाड़मेर. करीब पांच माह बाद मंगलवार को हुई जिला परिषद् की साधारण सभा की बैठक में खूब हंगामा मचा। पांच घण्टे तक जनप्रतिनिधि एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्योराप लगाते रहे। बैठक में संसदीय सचिव लादुराम विश्रोई का गुस्सा खुलकर सामने आया। उन्होंने कहा कि जलदाय विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते नर्मदा प्रोजेक्ट अटका हुआ है। प्रोजेक्ट शुरू किए 8 साल बीत गए हैं लेकिन क्षेत्र को मीठा पानी नहीं मिल रहा है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पिछली बैठकों की पालना रिपोर्ट भी कोई अधिकारी पेश नहीं कर रहा है। अफसरशाही हावी होने से आमजन की समस्याएं जस की तस हैं।संसदीय सचिव ने कहा कि अफसोस हो रहा है कि विधानसभा क्षेत्र में 100-100 हैंडपम्प की स्वीकृति सरकार ने दी पर काम नहीं हुआ। बाड़मेर में 70 ट्यूबवैल खुदवाने हैं। लेकिन अधिकारी काम ही नहीं करते हंै। मुख्यमंत्री ने गर्मी को देखते हुए कई योजनाएं शुरू की लेकिन उस पर काम नहीं हो रहा है। कांग्रेसी नेताओं ने उनके सुर में सुर मिलाए। कहा कि यह सही बात है, अधिकारी काम नहीं करते हैं। बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने चुटकी लेते कहा कि सरकार के मंत्री की भी नहीं सुनी जा रही है। हम क्या उम्मीद करेंगे।
मंत्री के अनुमोदन के बाद होगा काम
जलदाय विभाग के अधिकारी ने कहा कि जिले में हैण्डपम्प खुदवाने के लिए बाड़मेर व शिव विधानसभा क्षेत्र की ही स्वीकृति मिली है। क्षेत्रों में काम हो रहा है। इस पर संसदीय सचिव भड़क गए, उन्होंने कहा कि मैं खुद लिस्ट देकर आया हूं। एक घण्टा चर्चा की। सूची जलदाय विभाग के मंत्री के पास है। जलदाय विभाग के अधिकारी ने कहा कि मंत्री से अनुमोदन मिलने के बाद ही काम होगा। अधिकारी ने कहा कि 49 ट्यूबवैल खुदवा रहे हैं। वहीं 72 हैण्डपम्प लगवा दिए हैं।
जनप्रतिनिधि बोले- विकास अधिकारी लापरवाह, कलक्टर ने कहा, चार्जशीट दो
जिला परिषद सदस्य रूपसिंह राठौड़ ने कहा कि 30 मई 2017 को चौहटन पंचायत समिति क्षेत्र में 5.36 करोड़ के विकास कार्यों की स्वीकृति जारी की गई थी लेकिन उसमें अभी तकनीकी स्वीकृति जारी नहीं हो रही है। विकास कार्यों में राजनीति हो रही है। इस पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि विकास अधिकारी को चार बार कह दिया उसने रिपोर्ट नहीं भेजी। इस पर जिला कलक्टर ने कहा कि लापरवाही बरतने पर सभी विकास अधिकारियों को चार्जशीट दी जाए।
सीमावर्ती पीएचसी व सीएचसी में चिकित्सक नहीं
जिला परिषद सदस्य फतेहखान ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में चिकित्सक नहीं हैं। लोग परेशान हो रहे हैं। प्रधान तेजाराम ने कहा कि 17 पंचायत समिति बन गई हैं। लेकिन ब्लॉक सीएमएचओ 8 ही क्यों? इस पर सीएमएचओ कमलेश चौधरी ने कहा कि यह सरकार स्तर का मामला है। प्रधान पदमाराम ने कहा कि कई ऐसे चिकित्सक हंै, जिन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र का मुंह तक नहीं देखा है और वेतन उठा रहे हैं।
हंगामा-जनप्रतिनिधि आमने-सामने
बैठक शुरू होने से पहले नरेगा संविदाकर्मचारियों के धरने को लेकर विवाद हो गया। जिला परिषद सदस्य नरसिंग कड़वासरा ने विधायक मेवाराम जैन पर आरोप लगाया कि यह धरना विधायक की शह पर शुरू हुआ है। इस पर कांग्रेसी सदस्य आग-बबूला हो गए। उन्होंने कड़वासरा को घेर लिया। इस दौरान नारेबाजी कर रहे आंदोलनरत कर्मियों का ज्ञापन लिया गया।
कलक्टर की जनप्रतिनिधियों को नसीहत
- बॉर्डर के इलाकों में बालिका शिक्षा का स्तर कमजोर बैठक में इक्के-दुक्के जनप्रतिनिधि कुछ मामलों को लेकर बिफर गए। आरोप लगाया कि अधिकारी समस्याओं को नोट नहीं कर रहे हैं। जिला कलक्टर ने नसीहत देते हुए कहा कि आप सब समझदार हैं। मैं बैठक में फॉर्मल्टी करने नहीं आया हूं। समस्या सुनने आए हैं। लेकिन आप अपनी बात व्यवस्थित तरीके से रखें। एक साथ सब नहीं बोलें।
यह भी मुद्दे गर्माए
-बाड़मेर विधानसभा में 14 ट्यूबवैल स्वीकृत, लेकिन एक भी काम चालू नहीं।
- विधायक हमीरसिंह ने कहा कि टैंकर सप्लाई में प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं हो रही है।
- जिला परिषद सदस्य नरसिंग कड़वासरा ने कहा कि शिवकर प्लांट की हालात खराब है।
- प्रधान तेजाराम ने कहा कि किसी गरीब का घर जल जाता है तो उसे पूरा मुआवजा नहीं मिल रहा।
- जिला कलक्टर ने कहा कि अवैध कनेक्शन के मामलो में जनप्रतिनिधि पैरवी नहीं करें।
- बढ़ती आत्महत्याओं के मामलों में जन जागरण अभियान चलाया जाए।