बाड़मेर

बॉर्डर फांद कर पाकिस्तान चला गया बेटा, मां रो रही…

बेटे के लापता होने के बाद जब मां अमकूदेवी को उसके पाक चले जाने की खबर मिली है तब से उसकी रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है। वह कुछ ही दूर पाक सीमा की ओर एकटक नजर से उसके लौट आने का बेसब्री से इंतजार कर रही है।

2 min read
Jan 22, 2021

चौहटन पत्रिका.
बेटे के लापता होने के बाद जब मां अमकूदेवी को उसके पाक चले जाने की खबर मिली है तब से उसकी रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है। वह कुछ ही दूर पाक सीमा की ओर एकटक नजर से उसके लौट आने का बेसब्री से इंतजार कर रही है। अमकूदेवी जहां घर और आस पड़ोस से गुजरते हर किसी से अपने बेटे को वापस लाने की गुहार लगा रही है।

वहीं वह अपने लापता बेटे का फोटो लिए दिनभर आंगन में बैठी उसे भी निहारते हुए उसके लौटने का इंतजार कर रही है। माँ की पीड़ा को देख दूसरे बेटे बेटियां उसे गेमराराम के जल्द लौटने का भरोसा दिलाकर ढाढ़स बंधा रहे है, लेकिन मां को किसी बड़े अधिकारी या जनप्रतिनिधि से ऐसा भरोसा मिलने की आस बनी हुई है।

भारत पाक सीमा से महज डेढ़ किलोमीटर दूर कुम्हारों का टीबा की एक ढाणी में मां का दर्द छलकता दिखा, ढाई माह पहले चार नवम्बर की रात को लापता हुए सत्रह वर्षीय नाबालिग किशोर गेमराराम का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से इसकी आंखें अब सूखने लगी है। चार नवम्बर की आधी रात को सरहद से सटे कुम्हारों का टीबा गांव से लापता हुए किशोर के सीमा पार पाकिस्तान पहुंच जाने की फुफुसाहट सुनाई देने पर घर परिवार के सदस्यों की चिंताएं बढ़ गई है।

बारह भाई बहिनों में आठवें नम्बर का है गेमराराम
कुम्हारों का टीबा निवासी जामाराम पुत्र महेन्द्रराम मेघवाल के नौ बेटे व तीन बेटियां हैं, दो बहिनें व दो भाई शादीशुदा है। जामाराम कि घर आठवीं संतान के रूप में जन्मे गेमराराम के लापता होने व सीमा पार कर पाक चले जाने की खबरों से समूचा परिवार गहरी चिंताओं में डूबा है।

चार नवम्बर की आधी रात को गायब हुआ गेमराराम:
चार नवम्बर को हमेशा की तरह खाना खाकर अपने घर में सोया हुआ गेमराराम सवेरे लापता मिला, जिसका ढाई माह बाद भी कोई अता पता नहीं मिला है, घर से निकलने के बाद गेमराराम कहाँ लापता हुआ इसका कोई अंदेशा नहीं लगा है, लेकिन दबी जुबान से उसके पाक चले जाने की खबरों से परिवार सहित समूचे गांव की चिंताएं बढ़ी हुई है।

16 नवम्बर को दर्ज हुई थी गुमशुदगी
दस से बारह दिनों तक आसपास के गांवों और रिश्तेदारों में खोजबीन के बाद परेशान परिजनों ने सोलह नवम्बर को बीजराड़ पुलिस थाना में गेमराराम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई लेकिन उसके बाद पुलिस भी उसका सुराग नहीं ढूंढ पाई।

क्या कहते हैं जानकार और परिजन
गेमराराम के लापता होने के बाद उनके सीमा पार चले जाने की कुछ जानकारी मिल रही है, इसकी सत्यता के लिए बीएसएफ व प्रशासन हमारी मदद करे। इससे सीमा पर बैठे हर ग्रामीण को सुरक्षा को लेकर भरोसा मजबूत होगा।

धर्माराम मेघवाल मिठडा़ऊ
भाई के लापता होने के बाद माता पिता को संभाल पाना मुश्किल हो रहा है, पाक जाने के जानकारी से हम सब चिंतित है, बीएसएफ, पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को भाई की खोजबीन कर वापस लाने और सत्यता के लिए गुहार लगाई है।

Updated on:
22 Jan 2021 10:09 am
Published on:
22 Jan 2021 09:51 am
Also Read
View All