
बालोतरा. विधानसभा आम चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ नेताओं ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन भी करना शुरू कर दिया। राजनीतिक दलों के प्रत्याशी बिना अधिप्रमाणन के सोशल मीडिया पर डिजिटल प्रचार अपलोड कर रहे हैं।
निर्वाचन विभाग की चुनावी व्यय की सीमा सीमित किए जाने से प्रत्याशी सोशल मीडिया पर बिना अधिप्रमाणन के प्रचार सामग्री प्रचारित कर रहे हैं, ताकि यह राशि चुनावी खर्च में नहीं जुड़ सके।
निर्वाचन विभाग के अनुसार किसी भी विज्ञापन या प्रचार सामग्री का प्रचारण करने से पहले जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में गठित मीडिया प्रमाणन एवं मॉनिटरिंग समिति से विज्ञापन सामग्री का अधिप्रमाणन करवाना आवश्यक है।
पचपदरा विधानसभा के एक प्रत्याशी के स्वयं के फेसबुक पेज से प्रचार की डिजिटल सामग्री प्रचारित की गई है। एक अन्य प्रत्याशी के समर्थक भी फेसबुक व वाट्सएप पर प्रचार सामग्री प्रचारित कर रहे हैं।
तीन दिन पहले करना होता है आवेदन
प्रत्याशियों को विज्ञापन सामग्री का अधिप्रमाणन करवाने के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन लोकसभा रिटर्निंग अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति को प्रचारण से तीन दिन पूर्व करना होगा।
आवेदन प्राप्ति के 48 घंटे में समिति की ओर से निस्तारित कर अनुमति की जाएगी। अनुमति में साईज, कीमत समेत कई जानकारियों का उल्लेख करना होगा।
व्यय चुनावी खर्च में होगा शामिल
विज्ञापन अधिप्रमाणन की प्रति लेखा शाखा को निर्वाचन व्यय में जोडऩे के लिए दी जाएगी। राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के कार्यालयों में कार्यरत सोशल मीडिया टीम को किए जाने वाला भुगतान चुनाव व्यय में जोड़ा जाएगा।
इंटरनेट कंपनी व वेबसाइट को किया जाने वाला भुगतान निर्वाचन व्यय में जोड़ा जाएगा। सोशल मीडिया पोस्ट आदर्श आचार संहिता के दायरे में आएगी।
कार्रवाई करेंगे
सोशल साइट्स पर बिना अधिप्रमाणन के चुनाव प्रचार से संबंधित कोई भी प्रचार सामग्री प्रचारित नहीं की जा सकती है। अगर किसी ने बिना अधिप्रमाणन प्रचारित की है तो कार्रवाई करेंगे।
- अनिल कुमार, रिटर्निंग अधिकारी, बालोतरा