
संस्कृत विद्यालय के हाल बेहाल
गिड़ा. शिक्षकों के स्कूल नहीं आने और विद्यालय में पढ़ाई कमजोर होने की शिकायत ग्रामीणों ने संस्कृत शिक्षा के जोधपुर के उप निदेशक से इस उम्मीद से की कि वे आकर विद्यालय के हाल देखे और व्यवस्थाएं सुधारें, लेकिन उन्होंने कह दिया कि मैं भी नहीं आ सकता। मेरे पास पूरा संभाग है,एक स्कूल थोड़ा ही है।
क्षेत्र की कानोड़ ग्राम पंचायत में स्थित राजकीय आदर्श बालिका प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय शिवदानसिंह की ढाणी के ग्रामीणों को शिकायत है कि विद्यालय में शिक्षक समय पर नहीं आ रहे हैं। परिणाम कमजोर है। प्रधानाध्यापक ने 30 जून तक अवकाश लिया हुआ है और उसके बाद नहीं आए हंै।
बालिका विद्यालय में दो साल पहले 150 का नामांकन था और इस विद्यालय की बालिकाओं ने खेलकूद में राजस्थान में टॉप किया है, लेकिन कमजोर प्रबंधन के चलते अब 61 बालिका अध्ययनरत है। पोषाहार व अन्य मामलों को लेकर भी शिकायत है। इसको लेकर उप निदेशक से शिकायत की गई तो उन्होंने भी कह दिया कि एक स्कूल नहीं पूरा संभाग है। आना संभव नहीं है।बालिका विद्यालय में दो साल पहले 150 का नामांकन था और इस विद्यालय की बालिकाओं ने खेलकूद में राजस्थान में टॉप किया है, लेकिन कमजोर प्रबंधन के चलते अब 61 बालिका अध्ययनरत है।
इनका कहना है
इस विद्यालय में अध्यापकों की साल भर से कमी ही है। मात्र दो अध्यापकों के भरोसे पूरा सत्र निकाल दिया । कई बार उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाया पर किसी ने नहीं सुनी। इस विभाग के अधिकारी जोधपुर व जयपुर बैठते हैं। जहां पर जाना मुश्किल है । अध्यापक मर्जी के मालिक है।
जयसिंह राठौड़ पूर्व सरपंच कानोड़
हमारे संस्कृत विभाग में स्टॉफ की फिलहाल दिक्कत चल रही है। जहां उच्च प्राथमिक विद्यालय है, वहां पर हम तीन का स्टॉफ लगवा देंगे । पूरा संभाग होने के कारण हर स्कूल को देखना संभव नहीं है। ग्रामीणों की समस्या का हल करवाएंगे।
तुलसीराम शर्मा उप निदेशक संस्कृत विभाग जोधपुर