बाड़मेर

शिक्षक भी अब छुट्टियों का ले सकेंगे पूरा आनंद

- इस बार नहीं होंगंे ग्रीष्मकालीन शिक्षण प्रशिक्षण शिविर - शिक्षामंत्री ने वीसी में की घोषणा
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शिक्षक भी अब छुट्टियों का ले सकेंगे पूरा आनंद
शिक्षक भी अब छुट्टियों का ले सकेंगे पूरा आनंद

बाड़मेर. इस बार विद्यार्थियों के साथ शिक्षक भी ग्रीष्मकालीन छुट्टियों का पूरा आनंद ले सकेंगे। क्योंकि सरकार ने हर साल होने वाले ग्रीष्मकालीन आवासीय शिक्षण प्रशिक्षण शिविर इस बार नहीं करवाने का निर्णय किया है। बुधवार को शिक्षामंत्री ने वीडियो क्रांफेंसिंग के जरिए इसकी घोषणा की। इससे प्रदेश के हजारों शिक्षकों को अब प्रशिक्षण का टेंशन नहीं पालना होगा।

प्रदेश में शिक्षा में नवाचार को लेकर सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को हर बार ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में भाग लेना होता है। छह दिवसीय शिविर आवासीय होते हैं, जो हर ब्लॉक स्तर पर आयोजित होते हैं। इसमें विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसको लेकर लम्बे समय से विभिन्न शिक्षक संगठन विरोध जता रहे थे। उनका कहना था कि बार-बार प्रशिक्षण का औचित्य ही नहीं है, विशेषकर आवासीय शिविर का विरोध था। इस बार भी ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होने पर शिक्षकों को इस बार तक चिंता थी कि शिविर कब शुरू होंगे और इसमें उनको कब आना होगा। काफी दिनों से यह ऊहापोह की स्थिति थी कि शिविर होंगे या नहीं।

शिक्षा मंत्री ने की घोषणा- ग्रीष्मकालीन अवकाश को लेकर पूर्व में शिक्षामंत्री गोविंदसिंह डोटासरा ने बयान देते हुए कहा कि
सरकार शिविर नहीं करवाने की सोच रही है। इस पर बुधवार को उन्होंने मुहर लगाते हुए एेलान किया कि इस बार

ये शिविर नहीं होंगे।
दस हजार अध्यापक मनाएंगे अवकाश- सरकार के इस निर्णय से जिले के करीब दस हजार शिक्षक जो प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा पहली से आठवीं तक अध्ययन करवाते हैं, उनको प्रशिक्षण नहीं लेना होगा। एेसे में वे इस बार छुट्टियों का पूरा आनंद उठा सकेंगे।

बाहरी शिक्षक और शिक्षिकाओं की मिटी परेशानी- छह दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी अन्य जिलों के शिक्षकों को थी। उनको आवासीय शिविर के लिए घर जाकर दुबारा आना होता था। इसके चलते वे अवकाश शुरू होते ही पहले आवासीय शिविर में प्रशिक्षण लेने की जुगाड़ लगाते थे। वहीं शिक्षिकाओं को भी आवासीय शिविर होने के कारण वहां रहना होता था। इसलिए वे भी चाहती थी कि शिविर आवासीय न हो।
लाखों का खर्चा भी बचा-इन आवासीय शिविर के दौरान शिक्षकों के ठहरने की व्यवस्था होती थी। वहीं नाश्ते व खाने का प्रबंध भी होता था। इस पर लाखों रुपए खर्च हो रहे थे। अब शिविर नहीं लगने से यह खर्चा भी बच जाएगा।

सरकार का निर्णय सही- सरकार ने शिविर स्थगित करने का जो निर्णय किया है,वह सही है। इससे हजारों शिक्षक छुट्टियों का पूरा आनंद उठा सकेंगे। हम लम्बे समय से शिविर स्थगित करने की मांग कर रहे थे। सरकार ने मांग मान ली है।-शेरसिंह भूरटिया, शिक्षक नेता, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
शिक्षकों के लिए उचित- आवासीय शिविर पर लाखों रुपए खर्च हो रहे थे और इनका औचित्य भी कुछ नहीं था। गर्मी में शिक्षकों को दिक्कत हो रही थी। सरकार के इस निर्णय से शिक्षकों की परेशानी खत्म हो गई। सरकार का निर्णय उचित है।- कांतिलाल व्यास, जिलाध्यक्ष राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय

Published on:
01 Jun 2019 10:07 pm