-बाड़मेर मूल की प्रियंका बोथरा थार की पहली आइएएस-106वीं रैंक पर हुआ चयन
बाड़मेर. शहर के आजाद चौक के मूल निवासी और वर्तमान में ईरोड (तमिलनाडु) के निवासी अशोककुमार बोथरा की होनहार बेटी प्रियंका ने जिले का नाम रोशन किया है। प्रियंका का आइएएस में 106वीं रैंक पर चयन हुआ है। प्रियंका जब ग्यारहवीं में थी तो एक बार उसके पिता ने कहा कि बेटी तुझे कलक्टर बनना है और वह पिता के इस सपने को साकार करने में जुट गई। 24 साल की उम्र में आइएएस में चयनित प्रियंका कहती हैं कि दूसरी बार परीक्षा दी और सफल हुई हूं।
प्रियंका ने पत्रिका को बताया कि उसकी रुचि पढ़ाई में रही और उसने इस सपने को पूरा करने के लिए पूरी मेहनत की। स्कूल की पढ़ाई ईरोड और कॉलेज की मुम्बई में हुई। पढ़ाई को लेकर परिवार का सपोर्ट हमेशा रहा। तीस साल से उसका परिवार ईरोड में ही है लेकिन बाड़मेर से उसका नाता है। दादी मेवीदेवी यहीं बाड़मेर रहती हैं। बड़े पापा और उनका परिवार यहीं है। बीते दिनों बाड़मेर आई थीं। उसे बाड़मेर और यहां का माहौल काफी अच्छा लगता है। प्रियंका के पिता अशोककुमार व्यवसायी हैं।
विषय पर दिया ध्यान
समाजशास्त्र विषय के साथ मुख्य परीक्षा दी। विषय पर पूरा ध्यान दिया। सामान्य ज्ञान और अंगे्रजी पर कमाण्ड ने राह को आसान कर दिया।
सफलता के पांच मंत्र
- अपना लक्ष्य निर्धारित कर लें कि मुझे बनना क्या है
- लक्ष्य को हासिल करने के लिए उसके बारे में पूरी जानकारी लें
- तैयारी में जुटें तो फिर किसी तरह की कोर कसर नहीं छोड़ें
- मार्गदर्शन लेने में कभी नहीं हिचकिचाएं, खुद को हमेशा विद्यार्थी समझें
- अपने परिजन से बात करेंगे तो सपना साकार करने को प्रोत्साहित होंगे
कमजोर नहीं हैं बेटियां
प्रियंका कहती है कि बालिकाओं को कमजोर नहीं मानना चाहिए। बेटियां पढ़ती हैं और आगे बढ़ती है। हमेशा सकारात्मक सोच रखें और लड़के-लड़की में भेदभाव नहीं होना चाहिए। उसके परिवार में दो छोटे भाई हैं, उनकी भी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।