
बालोतरा. गांधीपुरा इलाके में रविवार को एक धुपाई इकाई में प्रदूषित पानी के स्टोरेज टैंक की सफाई करते तीन श्रमिक बेहोश हो गए, जिनको राजकीय नाहटा अस्पताल लाया।तीनों श्रमिकों में पिता-पुत्र व एक अन्य है।
दीपावली पर्व को लेकर औद्योगिक इकाइयों में इन दिनों कामकाज बंद है। उद्यमी इकाइयों में मशीनरी रखरखाव व साफ सफाई के कामकाज में जुटे हुए हैं। गांधीपुरा इलाके में स्थित एक धुपाई इकाई में रविवार सुबह दीपाराम (42) पुत्र चंपालाल, जेठालाल (21) पुत्र दीपाराम व जगदीश (20) पुत्र पवन कुमार निवासी वार्ड 26 बालोतरा प्रदूषित पानी के स्टोरेज टैंक की सफाई कर रहे थे। दोपहर में वे टैंक के तल में जमे स्लज को बाहर निकालने के लिए इसमें उतरे। इस दौरान स्लज में जहरीली गैस का रिसाव होने से बेहोश हो गए। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर आस-पड़ोस से लोग मौके पर पहुंचे तथा टैंक से बाहर निकाल अस्पताल पहुंचाया। यहां पर चिकित्सकों ने उपचार किया। सूचना पर उपनिरीक्षक संजना बेनीवाल मय जाप्ता मौके पर पहुंची तथा घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद तीनों को चिकित्सकों ने जोधपुर रैफर किया। घटना के बाद अस्पताल में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
क्या है स्लज- बालोतरा में पोपलीन कपड़ा इकाइयों का संचालन हो रहा है। इन इकाइयों में विभिन्न रंग के कपड़ों की रंगाई होती है, जिनकी मांग पूरे देश में है। इन कपड़ों को बनाने के बाद धुलाई की जाती है। इसमें रसायन का उपयोग होता है। इस पानी से प्रदूषण रोकने को लेकर न्यायालय के आदेशानुसार पानी खुले में नहीं छोड़ा जा सकता। एेसे में हर औद्योगिक इकाई में प्रदूषित पानी के स्टोरेज को लेकर बड़े-बड़े टैंक बना रखे हैं। इनमें पानी एकत्रित होने पर इनपकी सफाई करवाई जाती है। रसायन व गंदगी टैंक के तल में एकत्रित हो जाती है, जिसे स्लज कहा जाता है। यह प्रदूषित होने के साथ जहरीला होने पर कई बार श्रमिकों के लिए मुसीबत बन जाता है। स्लज को निकलाने के दौरान कई बार हादसे हो चुके हैं।