रोजमर्रा की सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। सब्जी के दाम सुनकर ही खरीदने का मन नहीं होता है। खासकर गृहिणियों के लिए बढ़ते सब्जी के दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
बाड़मेर। रोजमर्रा की सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। सब्जी के दाम सुनकर ही खरीदने का मन नहीं होता है। खासकर गृहिणियों के लिए बढ़ते सब्जी के दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। दालों के दाम पहले से ही चढ़े है और अब सब्जियों के दाम में आग लगी हुई है।
सबसे ज्यादा सब्जी मार्केट में आलू की डिमांड ज्यादा रहती है। लेकिन आलू भी पिछले काफी समय से 40-50 रुपए तक प्रतिकलो खुदरा में मिल रहा है। वहीं टमाटर के दाम भी 70-80 के बीच चल रहे हैं। हरी मिर्च 100 के पार तो धनियां 400 रुपए प्रतिकिलो में बिक रहा है। सब्जियां महंगी होने के कारण विक्रेताओं को भी नुकसान हो रहा है। बिक्री में काफी कम आ गई है।
थोक व्यापारियों का कहना है कि टमाटर नासिक से आते है। वहां पर इस बार बारिश काफी ज्यादा हुई। इसके कारण टमाटर की फसल खराब होने से आवक कम हो गई, जिसके कारण दाम बढ़ रहे हैं। इसी तरह शिमला मिर्च 100 रुपए प्रतिकिलो तक पहुंच गई है।
अभी श्राद्ध पक्ष चल रहा है। इसके कारण घरों में सब्जियों की जरूरत रहती है। लेकिन मंडियों में सब्जियों के दामों में भारी तेजी है। ऐसे में लोगों के लिए सब्जी खरीदना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में एक-दो सब्जियों से ही काम चलाना पड़ रहा है। रसोई का बजट भी बढ़े दामों के कारण बिगड़ गया है।
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आलू की खपत सबसे ज्यादा है। होटल, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड व समोसे-मिर्चीबड़ों की दुकानों पर आलू की डिमांड ज्यादा रहती है। वहीं घरों में आलू की सब्जी पर जोर रहता है। अब आलू के दाम भी पिछले 2-3 महीनों से 40-50 रुपए प्रति किलो मंडी में मिल रहे हैं।
सब्जी मंडियों में लहसुन के दाम सबसे ज्यादा बढ़े है। इसके कारण बिक्री भी काफी कम हो गई है। लहसुन किराणे की दुकानों पर भी बिकता है। व्यापारी बताते है कि लहसुन की बिक्री 50 फीसदी से भी कम रह गई है। वहीं प्याज की बिक्री भी प्रभावित हो रही है। महंगे होने के कारण होटल-रेस्टोरेंट्स से सलाद से प्याज गायब हो गया है।
प्याज: 70-80 रुपए
लहसुन: 380-400
टमाटर: 70-80
आलू : 40-50
हरा धनिया : 400
हरी मिर्च : 80-100
शिमला मिर्च : 90-100
करेला : 70-80
तोरई : 80-100