बाड़मेर

फिल्मी अंदाज में नकली घी पकडऩे पहुंची टीम, व्यापारी ने उसी तरह छकाया, जानिए पूरी खबर

- सुबह सात बजे दल-बल के साथ पहुंचे खाद्य अधिकारी. बुलाई पुलिस तो व्यापारी को लगी भनक, हो गया गायब  

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Nov 18, 2017
barmer news
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बाड़मेर.

एक फिल्मी घटनाक्रम की तरह चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार सुबह नकली घी पकडऩे के लिए एक व्यापारी पर घेरा बनाया। नकली ग्राहक बनकर व्यापारी को फोन लगाया। संभवत: किसी ने व्यापारी को इसकी सूचना दे दी और वह अपने घर से ही गायब हो गया। लुका-छिपी के खेल में उसका गोदाम सीज कर दो पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। आखिरकार दोपहर तीन बजे वह टीम के समक्ष पेश हुआ। उसे साथ लेकर गोदाम खोला गया और घी के नमूने लिए। बाड़मेर शहर के हमीरपुरा स्थित शनिदेव मंदिर के पास सुबह करीब सात बजे से यह घटनाक्रम चला।

कार्रवाई : लाइव
- सुबह सात बजे चिकित्सा एवं खाद्य महकमे की टीम नाकोड़ा ट्रेडिंग कम्पनी पहुंची।
- एक ग्राहक बनकर व्यापारी को फोन किया कि हमें घी खरीदना है गोदाम के पास खड़े हैं।
- व्यापारी ने कहा कि 20 मिनट में आ रहा हूं।
- एक गली में टीम के सदस्य छिपकर खड़े हो गए।
- इसी बीच टीम ने पुलिस को बुला लिया।
- संभवत: वहां खड़े लोगों में से किसी ने इस बात की जानकारी व्यापारी को दे दी।
- एक घंटे के इंतजार के बाद भी व्यापारी नहीं आया तो पुन: फोन लगाया लेकिन उठाया नहीं।
- बाद में टीम ने गोदाम सीज कर दिया।

बरती सख्ती तो कहा-व्यापारी कल से बाहर
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमलेश चौधरी व खाद्य सुरक्षा अधिकारी भूराराम गोदारा के पुलिस दल के साथ गोदाम पहुंचने की सूचना मिलते ही व्यापारी घर से गायब हो गया। टीम के सदस्य मय पुलिस उसके घर पहुंचे तो परिजनों ने बताया कि व्यापारी कल से बाहर है। जब उनसे कहा कि अभी तो 20 मिनट में आने का कहा, लेकिन परिजन बार-बार यही कहते रहे कि व्यापारी कल से गुड़ामालानी है। ऐसे में राय-मशविरा कर गोदाम को सीज कर दिया।

दोपहर बाद पहुंचा व्यापारी
दोपहर में व्यापारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को फोन कर इत्तला दी कि वह गोदाम पहुंच गया। व्यापारी के करीब तीन बजे वहां पहुंचने पर सीज गोदाम को खुलवाया। भूतल से लेकर ऊपरी मंजिल तक जांच की गई। एक कमरे में पुराने आलू की पपड़ी के कट्टे मिले। टीम ने उन्हें बाहर फिंकवाया।

लिए घी के नमूने
जांच के दौरान घी के डिब्बों के नकली होने का संदेह हुआ। संदेह के आधार पर नमूने लिए गए। अब उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। एकबारगी टीम सदस्य रवाना होने लगे तभी किसी ने कहा कि पानी के टांके में कुछ हो सकता है। टीम सदस्य पुन: आए और जांच की लेकिन वहां कुछ नहीं मिला।

Published on:
18 Nov 2017 11:45 am