मध्यप्रदेश कांग्रेस का प्रभारी बायतु के विधायक हरीश चौधरी को नियुक्त किया गया है। हरीश पहले पंजाब के प्रभारी भी रह चुके है। 20 फरवरी को भोपाल(मध्यप्रदेश) के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर नई जिम्मेदारी का कार्य प्रारंभ करेंगे।
बाड़मेर
मध्यप्रदेश कांग्रेस का प्रभारी बायतु के विधायक हरीश चौधरी को नियुक्त किया गया है। हरीश पहले पंजाब के प्रभारी भी रह चुके है। 20 फरवरी को भोपाल के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर नई जिम्मेदारी का कार्य प्रारंभ करेंगे। मध्यप्रदेश में कांग्र्रेस के लिए बड़ी चुनौतियां है लेकिन हरीश कहते है कि 40 प्रतिशत वोट शेयर है, इसको बहुमत में बदलना है। इस जिम्मेदारी को कार्यकर्ताओं के साथ पूरा करेंगे।
पत्रिका नई जिम्मेदारी को किस प्रकार देखते है?
हरीश चौधरी-मध्यप्रदेश में कांग्रेस मजबूत है। विपक्ष की सशक्त भूमिका में है। 40 प्रतिशत वोट शेयर का समर्थन कांगे्रस के पक्ष में है। इसको बहुमत में कैसे बदला जाए। संगठित होकर कार्य करेंगे और कांग्रेस को मजबूत करेंगे।
पत्रिका क्षेत्रफल बहुत बड़ा है, ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर सब अलग-अलग राजनीतिक गढ़ है, कैसे पार पड़ेंगे?
हरीश मैं पंजाब का प्रभारी रहा हूं, वहां पर भी गांव स्तर तक पहुंचा। एक-एक गांव को समझा। इसी तरह मध्यप्रदेश में भी नीचे के स्तर तक पहुंचकर कांगे्रस को बूथ से मजबूत करेंगे।
पत्रिका मध्यप्रदेश कांगे्रस में गुटबाजी ज्यादा है। हार का बड़ा कारण है। कैसे इसमें सामंजस्य करेंगे?
हरीश सबकी सामुहिक आवाज को समझा जाएगा। मैं मध्यप्रदेश जाकर मध्यप्रदेश को समझूंगा। हां, अनुशासनहीनता किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कांग्रेस प्रथम है और उसके सिद्धांत प्राथमिक।
पत्रिका मध्यप्रदेश में लाडली लक्ष्मी जैसी कई लोकलुभावन योजनाएं है, कांग्रेस इस दौर में कैसे लोगों का मानस बदलेगी?
हरीश गुड गवर्नेंस का नारा फेल हुआ है। एक साल में स्थितियां बदली है। सरकार का एक साल का कार्यकाल लोगों को पसंद नहीं है। कांग्रे्रस के प्रति लोगों का विश्वास है। 40 फीसदी लोग तो पहले से जुड़े है।
पत्रिका.मण्डलम,ब्लॉक, वार्ड पर नेताओं की नियुक्ति नहीं है। जिलाध्यक्षों का रिपोर्ट कार्ड ठीक नहीं है,वहां कैसे बदलाव होगा?
हरीश प्रदेश का प्रभार संगठन में आवश्यक बदलाव के लिए है। कांग्रेस की रीति-नीति पर चलते हुए समझाइश, समझ और व्यवस्थाओं को कांग्रेस के अनुरूप चलाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसमें जो भी आवश्यक बदलाव होंगे सामुहिक बात करके करेंगे। जिन चीजों को ठीक करने की जरूरत है मध्यप्रदेश के कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर करेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ता वहां मजबूत है।
पत्रिका लगातार बड़ी जिम्मेदारियां मिल रही है,इसको किस रूप में देखेंगे?
हरीश मेरे परिवार में कोई भी वार्ड पंच तक नहीं है। सभी गैर राजनीतिक है। मैं अकेला राजनीति में हूं। जो कार्य मिलता है जिम्मेदारीपूर्वक करता हूं। अभी मुझे मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी है और बायतु मेरा विधानसभा क्षेत्र है, मंै दोनों के लिए समर्पित रहूंगा।
पत्रिका जीतू पटवारी, दिग्विजय, उमंग सिंगार, कमलनाथ जैसे नेताओं में अनबन है। कैसे समंवय कर पाएंगे?
हरीश-सबके साथ बैठेंगे। आपसी सामंजस्य से बात करेंगे। सबका समन्वय ही संगठन का मूल सूत्र है,बस उस पर कार्य करेंगे।