बाड़मेर

महिला डेस्क की कमान पुरुष अधिकारियों के हाथों में

- बालोतरा वृत्त के छह में से पांच थानों में प्रभारी पुरुष - अकेले बालोतरा थाने में महिला डेस्क की प्रभारी है महिला अधिकारी

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महिला डेस्क की कमान पुरुष अधिकारियों के हाथों में


दलपत धतरवाल

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बालोतरा पत्रिका.
आधी दुनिया की प्रतीक महिलाओं के साथ अत्याचार व प्रताडऩा की घटनाएं दिनों दिन बढ़ रही है। महिलाएं खुलकर अपनी पीड़ा कानून के रखवालों के समक्ष रख सके, इसे लेकर महिला थाने से लेकर हर थाने में महिला डेस्क बना दी लेकिन बालोतरा सर्किल में बालोतरा पुलिस थाने के अलावा सभी थानों में महिला डेस्क का प्रभारी पुरुषों को बनाया गया है। ऐसे में यहां आने वाली पीडि़ता अपनी पीड़ा बेझिझक बयां नहीं कर पा रही है। फरियाद सुनने से लेकर रिपोर्ट लिखने वाले तक पुरुष है। ऐसे में महिलाओं को अपनी फरियाद लिखवाने में बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में कई महिलाएं छोटे महिला अपराधों में थानों की चौखट पर चढऩे से अब भी कन्नी काट रही है। ऐसे में दुष्कर्म व प्रयास के मामलों में बयान से लेकर रिपोर्ट दर्ज करने, छेडख़ानी के मामले मेें बयान लेने समेत दहेज व अन्य सभी प्रकार के मामलों में पुरुष पुलिसकर्मी ही कार्य करते है।

एक में महिला व 5 में पुरुष प्रभारी
- बालोतरा पुलिस सर्किल में 6 थाने हैं। इनमें से पांच थानों में महिला डेस्क का प्रभारी पुरुषों को बनाया गया है। महिला डेस्क पर अधिकांश महिलाओं से संबंधित अपराधों, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताडऩा, विवाहित झगड़े सहित अन्य उत्पीडऩ के मामलों पर काउंसलिंग की जाती है।

तीन-चार की नफरी
- जिले में थानों में महिलाओं की संख्या अधिकतम तीन-चार ही है। थानों में एक से तीन तक महिला पुलिसकर्मी है। जानकारी के अनुसार कल्याणपुर में तीन, पचपदरा तीन, बालोतरा में चार, जसोल चौकी में एक, मंडली में दो, सिवाना में एक व समदड़ी में दो महिला सिपाही तैनात है।

ेये है महिला डेस्क प्रभारी- बालोतरा पुलिस थाने में उपनिरीक्षक सजना बेनीवाल, पचपदरा में एएसआई सांगसिंह, मंडली में एएसआई खंगाराराम, सिवाना में एएसआई पूनमाराम, कल्याणपुर में एएसआई प्रेम कुमार व समदड़ी में एएसआई वभूतसिंह को महिला डेस्क का प्रभारी बनाया हुआ है। ज्ञात रहे कि बालोतरा में भी इनसे पूर्व में पुरुष महिला डेस्क के प्रभारी भी थे।
व्यू- पुलिस थानों में स्थापित महिला डेस्क पर महिला अधिकारी की नियुक्ति होनी चाहिए। इससे महिलाएं बेहतर तरीके से समस्या या पीड़ा बता सकती है। - चांदनी चौधरी, समन्वयक सवेरा संस्थान बालोतरा

महिला डेस्क का जिम्मा महिला कांस्टेबलों के पास ही है। सुपरविजन के लिए एसएचओ या एएसआई को लगाया हुआ होगा। वैसे हर थाने में महिला कांस्टेबल है। - कैलाशदान रतनू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोतरा
01- बालोतरा पुलिस थाना।

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Published on:
09 Jun 2018 06:16 pm
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