- ब्रह्मलीन महंत मोहनपुरी महाराज के भंडारे के 5 दिवसीय कार्यक्रम का चौथा दिन
बाड़मेर.योगगुरू स्वामी बाबा रामेदव ने कहा कि साधू चलता फिरता तीर्थ होता है। यह तारातरा तपोभूमि पर बड़े गुरूकुल का निर्माण होगा और उसमें पंतजलि सहयोग करेगा। विद्या का तीर्थ बनाने जा रहे है। इसमें पंतजलि सहयोग करेगा। विद्या का केन्द्र यहां पर बनना ही चाहिए। मानव को जगाने का काम विद्या करती है। यह तपस्यिों की भूमि है। यहां पर कई चमत्कार हुए है। योगगुरु रामदेव शुक्रवार को तारातरा गांव में संत मोहनपुरी महाराज के भण्डारा
कार्यक्रम में पहुंचे थे। उनके साथ महामण्डलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज भी यहां पहुंचे।
गौ-माता की हालत खराब
रामदेव ने कहा कि भारत में गौ-माता की हालात खराब है। हमारा संकल्प है कि मोदी के रहते हुए गौ हत्या का कंलक मिट जाएगा। उन्होंने कहा कि अपना कर्म ही धर्म है। विराट पुरूष की प्रतिमा है। रामदेव ने भजन की प्रस्तुती दी।
जिसकी कुछ पक्तियां..। कौन कहें तेरी म्हीमा, कौन कहे तेरी माया.....। अजर-अमर अविनाशी, कण-कण में व्यापक हैं.....।।
यह प्रदर्शन नहीं, श्रद्धालुओं का रैला
ऐसे भक्ति के आयोजन इसलिए होते है। यह प्रदर्शन नहीं, भक्ति का रैला है। रामदेव ने कहा कि सब कुछ परामात्मा है। सबसे बड़ी पूजा है कि ऐसा कर्म करो कि भगवान भी प्रश्र हो जाए। ऐसे कर्म करें कि ज्ञान व भक्ति की शक्ति बढ जाए। उन्होंने कहा कि प्रतापपुरी का बुलावा आया तो सोचा कहां ले जा रहे है। लेकिन यहां तो पहाड़ की तलहटी में बिहड़ जंगल में इतनो बड़ो मंगल हमने पहली बार देखयो है। यह प्रतापपुरी का प्रताप है। और मोहनपुरी महाराज का चमत्कार है। आज हमें खूब आंनद होयों। योगगुरु रामदेव शुक्रवार को तारातरा गांव में संत मोहनपुरी महाराज के भण्डारा
कार्यक्रम में पहुंचे थे। उनके साथ महामण्डलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज भी यहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि तारातरा तपोभूमि पर बड़े गुरूकुल का निर्माण होगा और उसमें पंतजलि सहयोग करेगा। विद्या का तीर्थ बनाने जा रहे है। इसमें पंतजलि सहयोग करेगा।