
हौसले बुलंद कर रास्तों पर चल दे;
तुझे तेरा मुकाम मिल जायेगा;
बढ़कर अकेला तू पहल कर;
देख कर तुझको काफिला खुद बन जायेगा।
अजीतगढ़. कहते हैं अभाव कभी प्रतिभा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकते, प्रतिभाशाली लोग अभावों को हराकर मेहनत व लगन से अपनी मंजिल को प्राप्त करते हैं ओर लोगो के लिए एक नजीर पेश कर जाते हंै। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की ओर से घोषित परीक्षा परिणाम में कस्बे के समीपवर्ती ग्राम गढटकनेत की ढाणी रामचन्द्रावाली के एक गुदडी के लाल ने कमाल कर दिखाया। घर व आसपास अध्ययन का माहौल नहीं रहने पर होनहार छात्र बकरी चराते हुए जंगल व खेतों में पेड़ की छांव तले बैठकर अध्ययन में रुकावट नहीं आने दी। परीक्षा के दौरान कु्रर नियती ने छात्र से उसकी मॉ छिन ली, लेकिन फिर भी उसकी हिम्मत नहीं टूटी ओर मंगलवार को आए कला संकाय के परिणाम में 97 प्रतिशत अंक हासिल कर सफलता की नई इबारत लिख दी।
जानकारी के अनुसार ग्राम गढटकनेत की ढाणी रामचन्द्रावाली निवासी प्रदीप कुमार सैनी पुत्र हरिनारायण सैनी गांव की एक निजी विद्यालय में अध्यनरत था। साधारण किसान परिवार का प्रदीप शुरू से ही पढ़ाई मे अव्वल रहा है। पांच भाई बहनों में सबसे छोटा प्रदीप के पिता मजदूरी करते है तथा बड़ा भाई दीपक भी मजदूरी करता है। साधारण परिवार मं जन्मा प्रदीप स्कूल टाइम के अलावा बकरिया चराने चला जाता था। पढ़ाई में तल्नीनता के कारण कई बार उसकी बकरियां गुम हो जाती थी, जिससे खोजने में परिवारजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता था तथा उसे डांट भी मिलती थी, लेकिन आज सब उसे शाबाशी दे रहे हैं। इसी बीच प्रदीप की माता गीता देवी का कैंसर की बीमारी के चलते निधन हो गया। जिससे वह बहुत आहत हुआ, लेकिन पिता, भाई व परिवार के लोगों ने उसे हिम्मत बंधाई।
छात्र प्रदीप ने पत्रिका से बातचीत में बताया की सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं होता है। नियमित अध्ध्यन व मेहनत से ही सफलता हासिल की जा सकती है। परिवार की हिम्मत व मां के सपनों को पुरा करने का सपना संजोते हुए एकाग्रता से परीक्षा दी। उसने बताया कि वह नियमित 7-8 घंटे पढ़ाई की। वह आईएएस बन कर देश सेवा करना चाहता है। छात्र की सफलता पर गढटकनेत के पूर्व उप सरपंच श्रवण लाल सैनी, महात्मा ज्योतिबा फूले सैनी महासभा के अध्यक्ष भैरू लाल सैनी, संयोजक दिनेश बागडी अन्य ने बधाई दी।