बस्सी

JDA News: जयपुर विकास प्राधिकरण का बढ़ा दायरा, जमीनों के दाम अचानक कई गुना बढ़े, प्लॉट खरीदने से पहले जरूर पढ़ लें

JDA News: जेडीए क्षेत्र में शामिल होने के बाद जमीन की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं। पहले सस्ती कृषि भूमि अब कॉलोनी के नाम पर महंगे दामों में बेची जा रही है।

2 min read
Feb 28, 2026
Photo- Patrika

JDA News: चौमूं/बस्सी/शाहपुरा. जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने हाल ही में अपना दायरा बढ़ाते हुए 679 नए गांवों को अधिकार क्षेत्र में शामिल कर डेवलपमेंट प्रमोशन एंड कंट्रोल रेगुलेशन लागू कर दिया, लेकिन इसका फायदा ग्रामीणों को नहीं, बल्कि भूमाफिया और बिल्डर्स को पहुंच रहा है। कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियों का सृजन तेजी से बढ़ रहा है।

चौमूं, शाहपुरा, बस्सी, तूंगा, जमवारामगढ़, आंधी, सांगानेर, झोटवाड़ा, आमेर, चाकसू, फुलेरा, मोजमाबाद, सांभर, फागी और कोटखावदा सहित कई तहसीलों में जमीनों के दाम अचानक बढ़ गए हैं। कई जगह भूमाफिया खेतों में कच्ची सड़कें बनाकर और प्लॉटिंग कर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं कि जल्द ही कॉलोनी वैध हो जाएगी। जब जेडीए मास्टर प्लान को अमल में लाने की कोशिश करेगा, तब अधिकारियों के सामने इन अवैध निर्माणों को हटाने की बड़ी चुनौती खड़ी होगी।

ये भी पढ़ें

Jaipur News: रामगढ़ बांध की ऐतिहासिक हवाओदी बनेगी इको टूरिज्म हब, कई ग्राम पंचायतों के लिए भी खुशखबरी

बाजार में घूम रहे कॉलोनियों के नक्शे


जयपुर रोड और चौमूं के आसपास हालात सबसे खराब हैं। यहां कई अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। बस्सी से कानोता के बीच भी दर्जनों कॉलोनियां काटी जा रही हैं। रोकथाम के नाम पर सिर्फ जेडीए की कार्रवाई औपचारिक बन रही है। कुछ दिन पहले चौमूं में कई जगह अवैध कॉलोनियों में सड़क वगैरह उखाडी गई थी, लेकिन ध्यान नहीं देने से कई जगह तो निर्माण भी चालू हो जाता है।

कई गुना बढ़े दाम


ग्रामीणों का कहना है कि जेडीए क्षेत्र में शामिल होने के बाद जमीन की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं। पहले सस्ती कृषि भूमि अब कॉलोनी के नाम पर महंगे दामों में बेची जा रही है। लोग बिना कन्वर्जन जांचें और मास्टर प्लान देखे कॉलोनियों में प्लाट खरीद रहे हैं। बस्सी-कानोता कृषि भूमि को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर प्लॉट बेचे जा रहे हैं।

कार्रवाई दिखावटी, मिलीभगत का संदेह

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस खेल में मिलीभगत का संदेह है। हालांकि जेडीए समय-समय पर कार्रवाई करता है, लेकिन वह औपचारिकता तक सीमित रहती है। मशीनें भेजकर रास्ते तोड़े जाते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में फिर से कई जगह काम शुरू हो जाता है।

शाहपुरा में काटी जा रही कॉलोनी


शाहपुरा नगरपरिषद क्षेत्र एवं आसपास के गांव खोरी, बिदारा, जाजैकलां, नाथावाला, देवीपुरा, मनोहरपुर, घासीपुरा, देवन सहित अनेक स्थानों पर कॉलोनियां काटी जा रही है। इनमें कई जगह अवैध कॉलोनियां भी है।

बस्सी में यहां काटी जा रही कॉलोनी


बस्सी कस्बा, मोहनपुरा, बैनाड़ा, रामसर पालालावा, मानसर खेड़ी,कानोता, जीतावाला, गुढा मीना, साख -श्योपुरी, फालियावास, रामसिंहपुरा, रूपपुरा, भूरथल सहित कई गांवों में भूमाफिया अवैध रूप से कृषि भूमि में कॉलोनियां बसा रहे हैं।

चौमूं में यहां काटी जा रही कॉलोनी

चौमूं के आसपास क्षेत्र में ही नहीं अब तो गांवों तक भूमाफिया सक्रिय हो गए है। अवैध कॉलोनी काटी जा रही है। जयपुर-सीकर रोड, वीर हनुमान मार्ग, मोरीजा रोड, सामोद रोड, चीथवाड़ी, बांसा सहित मुख्य जगहों पर धड़ल्ले से कॉलोनियां काटी जा रही है।

इनका कहना है


जेडीए सीमा का विस्तार हो गया है। जमीनों के भावों में उछाल है तो अवैध कॉलोनियों की बसावट भी बढ रही है।

  • रामसिंह जाट, पूर्व सरपंच कांट।

जेडीए का दायरा बढ़ने के साथ ही कृषि जमीनों के भाव बढ़ गए हैं। चौमूं इलाके में कई जगह कॉलोनियां काटी जा रही है। इन पर रोकथाम जरूरी है। जेडीए की ओर से ग्राम पंचायतों को विकास के लिए बजट की दरकार है।

  • बद्री प्रसाद यादव, प्रशासक, अणतपुरा चिमनपुरा।

ये भी पढ़ें

Holi Kab Hai: राजस्थान में 3 या 4 मार्च? कब मनाई जाएगी धुलंडी, जानिए होली खेलने का सही समय और तारीख

Published on:
28 Feb 2026 05:18 pm
Also Read
View All

अगली खबर