गांवों में घर-घर जाकर कर रहे नकद भुगतान
देवगांव (जयपुर). कोरोना वायरस के असर के कारण लोगों के पास नकदी की किल्लत हो रही है। इसके लिए अब बैंक प्रतिनिधि (बैंकिंग कॉरसपोंडेंट) की ओर ग्रामीण क्षेत्रों में नकद भुगतान की व्यवस्था शुरू की गई है जो लोगों को राहत देने वाली है। जानकारी अनुसार लॉकडाउन में लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में लोगों को बैंक कॉर्डिनेटर घर-घर जाकर बैकिंग सुविधा दे रहे हैं। इसके लिए वो ग्रामीण क्षेत्र में बैंक खातों से नकद भुगतान विड्राल की सुविधा दे रहे हैं।
फिंगर प्रिंट से मिलान कर भुगतान....
देवगांव के बीसी कैलाशचंद गुप्ता ने बताया कि देवगांव, सवाई जयसिंहपुरा, ब्रह्मपुरी, विमलपुरा, झींझा, खेड़ा मलुकपुरा, रामपुरावास व अन्य गांवों के बैंक खाताधारकों के लिए घर पर सुबह 11 बजे तक और फिर दूरदराज की ढाणियों और गांवों में घर-घर जाकर लोगों के लिए रुपए निकासी की जा रही है। साबुन और सेनेटाइजर से हाथ धुलाने के बाद फिंगर प्रिंट से मिलान कर भुगतान किया जा रहा है। भुगतान के बाद सेनेटाइजर से बायोमेट्रिक मशीन को साफ किया जाता है।
5 से 15 किमी की दूरी पर पहुंच रहे.....
खाताधारक के खाते में आई रकम को या तो संबंधित खाताधारक खुद बैंक में पहुंचकर निर्धारित वाऊचर भरने के बाद हासिल कर करता है या फिर एटीएम से यह रकम निकलवाई जा सकती है। इन दोनों तरीकों से रकम निकलवाने के लिए संबंधित व्यक्ति का घर से बाहर निकलकर बैंक या एटीएम तक पहुंचना जरूरी है। ऐसे में खाताधारकों को 5 किलोमीटर पर मौजूद सांभरिया बैंक शाखा या बस्सी और तूंगा जाने की बजाए बैंक द्वारा नियुक्त बैंक प्रतिनिधि के पास जाकर रुपए निकासी कराना ज्यादा मददगार साबित हो रहा है।
पेंशनरों को मिली राहत.....
लॉकडाउन के चलते सबसे अधिक परेशानी का सामना पेंशनरों को करना पड़ रहा है, जो सरकार द्वारा दी जाने वाली पेंशन पर ही अपना जीवन व्यतीत करते हैं। वृद्धजन, एकल नारी, विकलांग पेंशन पर निर्भर रहने वाले लोगों को बैंक बीसी द्वारा नकद भुगतान बड़ी राहत का कार्य कर रहा है।