24 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान: कुएं की मुंडेर पर बैठना पड़ा भारी, 200 फीट गहरे कुएं में गिरने से युवक की मौत; पत्नी के बार-बार टोकने पर भी नहीं माना था

संतुलन बिगड़ने के कारण युवक 30 फीट पानी से भरे करीब 200 फीट गहरे कुएं में जा गिरा । जिसका शव रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला ।

2 min read
Google source verification
ram lakhan meena

युवक के शव को कुएं से निकालते हुए। इनसेट में मृतक रामलखन मीणा।

राजस्थान के जयपुर जिले के कोटखावदा थाना क्षेत्र के बास भगवतपुरा गांव में कुएं में गिरने से युवक की मौत हो गई । संतुलन बिगड़ने के कारण युवक 30 फीट पानी से भरे करीब 200 फीट गहरे कुएं में जा गिरा । जिसका शव रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला ।

कोटखावदा थानाप्रभारी भरत लाल महर ने बताया कि रविवार देर रात रामलखन मीणा (25) पुत्र जगदीश मीणा निवासी बास भगवतपुरा अपने घर के पास स्थित करीब 200 फीट गहरे कुएं की मुंडेर पर बैठा था ।

परिजनों, विशेषकर पत्नी ने उसे कई बार वहां से हटने और घर लौटने के लिए समझाया, लेकिन वह नहीं माना और वहीं बैठा रहा। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से उसके 30 फीट पानी से भरे कुएं में गिरने की आशंका है । सोमवार सुबह जब रामलखन नहीं मिला तो परिजनों ने तलाश शुरू की। कोई सुराग नहीं मिला तो दोपहर करीब 12 बजे पुलिस को सूचना दी गई ।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

सूचना मिलते ही थानाधिकारी भरत लाल महर मय जाप्ते के मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया । परिजनों की आशंका पर सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया ।

टीम ने कुएं में उतरकर कड़ी मशक्कत के बाद युवक को बाहर निकाला और तुरन्त चाकसू अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया । पुलिस ने मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है ।

ट्रैक्टर चालक था मृतक….

रामलखन ईंट-भट्टे पर ट्रैक्टर चालक के रूप में काम करता था। परिवार में पत्नी सहित दो छोटे बच्चे - एक बेटा और एक बेटी हैं। इसके अलावा माता-पिता, 11 भाई और 4 बहनें हैं। इनमें से एक भाई का करीब पांच वर्ष पहले निधन हो चुका है।

रामलखन का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया गया, जहां परिजनों और गांव के लोगों की आंखें नम थीं। जैसे ही उनकी अर्थी उठी, परिजन बिलख-बिलख कर रोते रहे। वहीं उपस्थित लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया। रामलखन के जाने से पूरे गांव में शोक की लहर है और हर कोई उनके परिवार के दुख में सहभागी बना हुआ है।