
चाकसू। जयपुर जिले में पहली तेज बरसात ने ही सरकारी इंतजामों की पोल खोल दी। बरसात से पूर्व प्रशासन द्वारा बांधों व जलाशयों की सार-सम्भाल नहीं करने से ग्राम पंचायत बड़ली में खातोलाई व झाव बांध टूट गए। जिससे पानी बह गया। यह पानी रामपुरा एनीकट में पहुंचा। जिससे वहां चादर चल गई।
पानी एकत्र नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को बांधों का लाभ नहीं मिला। इससे क्षेत्र के किसानों ने नाराजगी प्रकट की। प्रशासन की ओर से बाढ़ आपदा व राहत बचाव को लेकर कोई जानकारी आमजन को नहीं दी गई। जिससे लोग सूचना देने के लिए परेशान रहे। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रशासन को बांध टूटने की सूचना देने के बावजूद शाम तक भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके का जायजा लेने नहीं पहुंचा।
लोगों का कहना था कि झाव बांध का पानी ही नहर के माध्यम से लाम्बिया बांध में आता। लेकिन झाव बांध खाली रह जाने से अब लाम्बिया भी खाली रह गया। यह इस सीजन की पहली अच्छी बरसात हुई। तेज बरसात से कस्बे के नीलकंठ महादेव मन्दिर की पक्की दीवार ढह गई। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर समेत अनेक गली-मोहल्लों व बाजारों में पानी भर गया।
नीलकंठ महादेव मंदिर के पास प्राचीन मालोराई तलाई में बनाए गए महाराणा प्रताप पार्क में फिर पानी भर गया। गौरतलब है कि यहां तलाई में हमेशा बरसात का पानी भरता था। लेकिन पालिका की ओर से यहां पार्क विकसित कर दिया गया लेकिन पानी निकासी के इंतजाम नहीं किए गए। जिससे पार्क व आसपास के घरों में बरसात का पानी भर गया।
Heavy Rain In Jaipur : बरसात से कस्बे के गोलीराव व मनोहरा तालाब समेत अन्य जलाशयों में पानी की आवक हुई है। वहीं पानी आवक व भराव क्षेत्र में कॉलोनियां विकसित करने से पानी निकासी मार्ग अवरूद्ध हो गया और वहां पानी भर गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।