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राजस्थान का यह हाईवे 818.46 करोड़ की लागत से होगा फोरलेन, 18 को टेंडर; 9 नई पुलिया और 2 अंडरपास बनेंगे

Manoharpur–Dausa Highway: जयपुर-दिल्ली, जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे और जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेस वे से जुड़े मनोहरपुर-दौसा एनएच 148 को फोरलेन बनाने के लिए 18 फरवरी को टेंडर खोले जाएंगे।
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बस्सी

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Anil Prajapat

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Updated: 15 Feb 2026, 12:14 PM IST

Manoharpur–Dausa Highway

मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवे होगा फोरलेन। फोटो: पत्रिका

गठवाड़ी। जयपुर-दिल्ली, जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे और जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेस वे से जुड़े मनोहरपुर-दौसा एनएच 148 को फोरलेन बनाने के लिए 18 फरवरी को टेंडर खोले जाएंगे। 818 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत से 62 किमी लंबे इस मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। फोरलेन निर्माण के तहत 9 नई पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा, जबकि 4 पुरानी पुलियाओं को फोरलेन के अनुरूप पुनर्निर्मित किया जाएगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने डीपीआर के अनुसार इन स्थानों को चिन्हित किया है। दौसा जिले की सीमा में तीन नई पुलियाएं और 2 लाइट व्हीकल अंडरपास बनाए जाएंगे। वहीं, जयपुर जिले की सीमा में छह नई पुलियाओं का निर्माण प्रस्तावित है। मनोहरपुर से दौसा तक 62 किमी के मार्ग में गठवाड़ी, दांतली, भावनी, थाना मोड़ आंधी, फूटोलाव मोड़, डांगरवाड़ा, बापी, खुरी खुर्द और जसोता सहित विभिन्न स्थानों पर नई पुलियाएं बनेंगी।

दो अंडरपास भी बनेंगे

चिलपली मोड़, रायसर, थली मोड़ और बासड़ी की पुरानी पुलियाओं को भी चौड़ीकरण के अनुरूप दोबारा बनाया जाएगा। बापी में दो स्थानों पर लाइट व्हीकल अंडरपास बनाए जाएंगे, जिनसे छोटे वाहनों का आवागमन होगा। सभी पुलियाओं के दोनों ओर 10.5-10.5 मीटर चौड़ाई के साथ सर्विस लेन और बीच में डिवाइडर बनाया जाएगा।

इतनी दूरी में होगा आवागमन

डीपीआर के अनुसार विभिन्न स्थानों पर वाहनों के आवागमन की लंबाई तय की है। गठवाड़ी और भावनी में 30 मीटर, रायसर और बापी में 60 मीटर व चिलपली, दांतली, थली मोड़, थाना मोड़ आंधी, फूटोलाव मोड़, डांगरवाड़ा, बासड़ी, खुरी खुर्द और जसोता में 20 मीटर लंबाई निर्धारित की गई है।

आमजन की राह होगी आसान

दो लेन मार्ग पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के कारण यह मार्ग हादसों के लिए कुख्यात हो गया था। वर्ष 2025 में यहां 75 लोगों की मौत हुई और 115 से अधिक लोग घायल हुए। कई हादसों में परिवारों की पीढ़ियां प्रभावित हुई है। यह मार्ग मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, भरतपुर और दौसा से खाटूश्यामजी व सालासर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख मार्ग है। फोरलेन निर्माण के बाद आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है।