जलझूलनी एकादशी पर्व पर इस वर्ष शाहपुरा स्थित श्री कल्याण जी महाराज की पालकी को विशेष रूप से सोने की परत चढ़ाकर भव्य रूप प्रदान किया गया। समाजसेवी दिगराज सिंह शाहपुरा ने इस पालकी का निर्माण कराया था।
जयपुर। शाहपुरा स्थित श्री कल्याण जी महाराज मंदिर की सोने की परत चढ़ी पालकी को जलझूलनी एकादशी के पर्व पर जल विहार यात्रा के तहत प्राचीन मंदिर से शुरू होकर नगर भ्रमण करते हुए वर्तमान स्थान पर लाया गया। समाजसेवी दिगराज सिंह शाहपुरा ने बताया कि यात्रा के प्रमुख आकर्षण का केंद्र कल्याण जी महाराज की पालकी रही, जिसे इस वर्ष विशेष रूप से सोने की परत चढ़ाकर भव्य रूप प्रदान किया गया है।
उन्होंने कहा कि शाहपुरा के इतिहास में पहला अवसर है, जब किसी पालकी को इस तरीके से आम जनता के दर्शन के लिए प्रस्तुत किया गया। पालकी शाहपुरा की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक मानी जा रही है। पालकी की स्वर्ण सज्जा न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं और श्रद्धा का अद्वितीय उदाहरण भी है।
लोगों ने कहा कि दिगराज सिंह शाहपुरा की ओर से निर्मित स्वर्ण पालकी नई परंपरा की नींव रखेगी। दिगराज सिंह ने कहा कि यह अवसर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे के संदेश का भी प्रसार करता है।