बस्सी

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए राजस्थान सरकार सख्त, प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश

Akshaya Tritiya: आगामी अक्षय तृतीया (आखातीज) और अप्रेल-मई में होने वाले वैवाहिक आयोजनों को देखते हुए राज्य सरकार ने बाल विवाह पर प्रभावी रोकथाम के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है।
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Apr 13, 2026
Rajasthan Government on Alert to Prevent Child Marriages on Akshaya Tritiya
पत्रिका फाइल फोटो

बस्सी। आगामी अक्षय तृतीया (आखातीज) और अप्रेल-मई में होने वाले वैवाहिक आयोजनों को देखते हुए राज्य सरकार ने बाल विवाह पर प्रभावी रोकथाम के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में आखातीज, पीपल पूर्णिमा जैसे अवसरों पर बाल विवाह की आशंका को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

भजनलाल सरकार ने न्यायपालिका, जिला प्रशासन, पुलिस, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, चिकित्सा, पंचायतीराज और शिक्षा विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को समन्वित कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक उपखंड मुख्यालय पर 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे, जहां बाल विवाह की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

गांव-गांव जागरूकता अभियान

गाइडलाइन के तहत ग्राम सभाओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा। संभावित बाल विवाह वाले परिवारों को समझाइश देकर ऐसे आयोजन रोकने पर जोर दिया गया है। विद्यालयों में भी प्रार्थना सभा के जरिए विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा।

गुप्त सूचना पर तुरंत कार्रवाई

लोगों की झिझक दूर करने के लिए गुप्त सूचना बॉक्स और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। किसी भी माध्यम से सूचना मिलने पर बिना औपचारिक शिकायत के भी तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

सहयोगियों पर भी कड़ी कार्रवाई

बाल विवाह में सहयोग करने वाले पंडित, टेंट हाउस, हलवाई, बैंड-बाजा संचालक और ट्रांसपोर्टर के खिलाफ भी गैर-जमानती अपराध के तहत कार्रवाई होगी। साथ ही इनसे पहले ही लिखित में आश्वासन लिया जाएगा कि वे ऐसे आयोजनों में सहयोग नहीं करेंगे।

पुलिस की जिम्मेदारी तय

गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि कई बार सूचना होने के बावजूद पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती। ऐसे में पुलिस अधिकारियों को सख्ती से कानूनी दायित्वों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सूचना या समाचार प्रकाशित होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर इसे गंभीरता से लिया जाएगा।

प्रिंटिंग प्रेस भी निगरानी में

विवाह कार्ड छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे वर-वधु की जन्मतिथि कार्ड पर अंकित करें, ताकि उम्र का सत्यापन हो सके और बाल विवाह की संभावना रोकी जा सके।

इनका कहना है

बाल विवाह की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने गाइड लाइन जारी कर दी है। सभी विभागों का समन्यवय कर बाल विवाह नहीं करने के लिए लोगाें को जागरूक किया जाएगा। जहां बाल विवाह होने की सूचना मिलेगी, वहां पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
-शिप्रा जैन, उपखण्ड अधिकारी बस्सी।