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Rajasthan: 2 भाइयों की इकलौती बहन की मौत, B.Ed. का प्रैक्टिकल देकर लौट रही थी, बस की टक्कर के बाद टायर के नीचे आई

B.Ed. Student Died In Accident: राजस्थान के लालसोट में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। बीएड का अंतिम प्रैक्टिकल देकर लौट रही छात्रा खुशी सैनी की बस की टक्कर के बाद मौत हो गई।
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Bassi Accident

घायल कल्पना सैनी की फोटो: पत्रिका

Rajasthan Road Accident: नियति का यह कैसा क्रूर मजाक था कि जिस दिन एक बेटी के 2 सालों के संघर्ष और पढ़ाई का आखिरी दिन था, जिस दिन उसके शिक्षिका बनने के सपनों को नई उड़ान मिलनी थी, उसी दिन एक बेकाबू बस ने उसके सारे अरमान हमेशा के लिए छीन लिए। लालसोट घाटी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार बीएड छात्रा खुशी सैनी (25) की मौत हो गई, जबकि सहेली कल्पना सैनी (24) घायल हो गई।

पुलिस के अनुसार तूंगा की पीपली वाली ढाणी निवासी खुशी सैनी पुत्री हनुमान सैनी और वार्ड 25 निवासी कल्पना सैनी पुत्री जगदीश सैनी रामगढ़ पचवारा स्थित निजी बीएड कॉलेज से परीक्षा देकर स्कूटी से लालसोट लौट रही थी। इसी दौरान घाटी की ढलान पर पीछे से आ रही निजी बस ने स्कूटी को टक्कर मार दी।

हादसे में खुशी बस के नीचे आ गई और कल्पना सड़क पर गिरकर घायल हो गई। सूचना पर दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने खुशी को मृत घोषित कर दिया। कल्पना का प्राथमिक उपचार कर छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

मामा के घर रहकर कर रही थी पढ़ाई

रामगढ़ पचवारा स्थित निजी बीएड कॉलेज के शिक्षकों ने नम आंखों से बताया कि खुशी लालसोट में अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। वह बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। सोमवार को उसकी मुख्य परीक्षाएं समाप्त हुई थी और मंगलवार को उसका अंतिम प्रैक्टिकल था।

दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम का ये आखिरी दिन था, जिसके बाद उसे कॉलेज नहीं आना था। परीक्षा पूरी कर वह सहेली कल्पना के साथ घर लौट रही थी, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने उसकी जिंदगी की डोर ही तोड़ दी।

चाय बेचने वाले पिता की थी इकलौती बेटी

खुशी अपने दो भाइयों के बीच इकलौती बहन थी। पिता हनुमान सैनी तूंगा में छोटी-सी चाय की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी को पढ़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। खुशी भी पिता के संघर्ष को समझती थी और बचपन से ही शिक्षिका बनने का सपना संजोए हुए थी। एक सड़क हादसे ने न केवल होनहार छात्रा की जिंदगी छीन ली, बल्कि एक साधारण परिवार के वर्षों से संजोए सपनों को भी पलभर में बिखेर दिया।

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