रोजमर्रा की जिंदगी के परिदृश्यों पर उनका व्यंग्यात्मक अंदाज. परदे के पीछे की टीम, देसी संस्कृति को जीने और उसमें सांस लेने वाले कंटेंट क्रिएटर्स का ग्रुप, रचनात्मकता और सटीकता के साथ इस हास्य को जीवंत करता है। पारिवारिक गतिशीलता से लेकर मौजूदा रुझानों तक देसी जोक ने सभी को हास्यपूर्ण ट्विस्ट के साथ कवर किया है, जो फॉलोअर्स को पसंद आता है।
जयपुर। बदलते परिवेश के साथ ही लोगों का नजरिया भी बदलता जा रहा है। ऐसे में कुछ अलग और नया लोकप्रिय हो सकता है। ऐसे में देसी जोक ने देसी जीवन पर अपने चंचल और भरोसेमंद अंदाज से वह टच पाया है। साथ ही वे मीम प्रेमियों के बीच पसंदीदा बन गए हैं।
हाल ही में इसके पेज ने 1.3 मिलियन फॉलोअर्स के माइलस्टोन को छुआ है। रोजमर्रा के हास्य को शेयर करने के लिए साधारण मंच के रूप में शुरू हुआ यह पेज एक डवलप कम्यूनिटी में विकसित हो गया है। देसी जोक ने आधुनिक समय के परिदृश्यों के साथ सांस्कृतिक बारीकियों को मिलाकर दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ने वाली सामग्री बनाकर अपना नाम बनाया है।
देसी जोक को जो चीज अलग बनाती है, वह है रोजमर्रा की जिंदगी के परिदृश्यों पर उनका व्यंग्यात्मक अंदाज. परदे के पीछे की टीम, देसी संस्कृति को जीने और उसमें सांस लेने वाले कंटेंट क्रिएटर्स का ग्रुप, रचनात्मकता और सटीकता के साथ इस हास्य को जीवंत करता है। पारिवारिक गतिशीलता से लेकर मौजूदा रुझानों तक देसी जोक ने सभी को हास्यपूर्ण ट्विस्ट के साथ कवर किया है, जो फॉलोअर्स को पसंद आता है। इसके संस्थापक ने कहा कि देसी जोक का उद्देश्य मुस्कुराहट के साथ अपनी जड़ों का जश्न मनाना है। हमने ऐसा कंटेंट बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है, जो मज़ेदार, जाना-पहचाना और थोड़ा उदासीन लगे। इसीलिए लोग जुड़ते हैं। हंसी सार्वभौमिक है, लेकिन घर के करीब लगने वाले चुटकुले को समझने की खुशी कुछ खास है।