
दंतेवाड़ा . नीति आयोग के सलाहकार अनिल श्रीवास्तव का दौरा समाप्त हो गया। सरकार की योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन देखकर बेहद खुश हुए। अनिल श्रीवास्तव ने पिछले 30 सालों का आंकलन किया तो इस इलाके में आमूल-चूल परिवर्तन होने की बात कही। उन्होंने कहा 1987 में वे दंतेवाड़ा के एसडीएम थे। इन 30 सालों में इतना बड़ा परिवर्तन हुआ है जो वाकई विकास को दर्शा रहा है। तमाम कार्य योजनाओं की समीक्षा करने के बाद माई दंतेश्वरी के दर्शन करने के लिए पहुंचे। दरबार में प्रवेश करने से पहले पूरे परिसर का करीब पौन घंटे तक अवलोकन किया। उन्होंने डंकनी- शंकनी का संगम देखकर बोले यहां बहुत बड़ा त्रिशूल हुआ करता था। लेकिन अब नहीं है। पुजारियों ने जवाब दिया कि अत्याधिक बाढ़ से जर्जर होकर टूट गया। अब यह त्रिशुल मंदिर परिसर में रखा है।
आदिवासियों से प्रशासन को सीधे जुडऩे की बात कही
शिक्षा में नवाचार और आदिवासी उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों पर बोले प्रशासन तहे दिल से उनके हित में काम कर रहा है। महिलाओं के उत्थान के लिए कड़कनाथ पालन अभिनव प्रयोग है। सक्षम, आस्था, पोटाकेबिन, क्षीरसागर व जैविक खेती को देखकर उन्होंने कहा कि अब वह समय आ गया है, यहां से आदिवासी विकास के प्राचीर को छूएंगे। प्रशासन से उन्होंने और बेहतर काम करने के लिए कहा। अंदरूनी इलाकों में पहुंच बनाने के लिए आदिवासियों से सीधे जुडऩे की बात कही। सलाहकार ने अंदरूनी इलाकों में प्रशासन की कोशिश को सराहा भी।
अपना पुराना घर भी देखा - पत्नी बबीता श्रीवास्तव के साथ दंतेवाड़ा पहुंचे नीति आयोग के सलाहकार अनिल श्रीवास्तव ब्लाक कालोनी पहुंचे। वहां उन्होंने अपना पुराना सरकारी मकान देखा और यादें ताजा की।
ई-रिक्शा से देखा नगर
नीति आयोग सलाहकार श्रीवास्तव ने पत्नी बबीता व जिला पंचायत सीईओ डॉ. गौरव सिंह के साथ ई-रिक्शा से नगर भ्रमण किया। इस दौरान एएसपी अभिषेक पल्लव सुरक्षा की दृष्टिकोण से उनके साथ थे। युवती रिक्शा चालक थी। शहर स्थित माईजी के तालाब को रिक्शा से बैठकर देखा और उसकी सुंदरता की तस्वीर कैमरे में कैद किए। इस संबंध में सीईओ जिला पंचाययत डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि नीति आयोग के सलाहकार ने प्रशासन के द्वारा किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। विकास के कार्यों को देखकर उन्होंने प्रशासन की तारीफ की। इसी तरह के नवाचार और आदिवासी हित के लिए काम करते रहने की सलाह दी।