
Chhattisgarh Arnab Cyclone: अर्नब तूफान के असर से बस्तर संभाग में लगातार बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में हुई तेज बारिश के बाद नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। जिले के अधिकांश तालाब और जलस्रोत लबालब हो चुके हैं। वहीं इंद्रावती, शबरी, नारंगी, तालपेरू, डंकनी, शंखनी और मिंगाचल समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। जगदलपुर से दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर का सड़क संपर्क कट गया है। लगातार बारिश के कारण बस्तर के कई हिस्सों में चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है।
लगातार बारिश से बस्तर के गांवों और शहरों में स्थित तालाब भी पानी से भर गए हैं। कई तालाबों में पानी लबालब होने के बाद ओवरफ्लो की स्थिति बनने लगी है। जलस्रोतों में लगातार पानी पहुंचने से आसपास के खेतों और निचले इलाकों में भी पानी जमा होने लगा है। बारिश के कारण जहां किसानों को पानी की उपलब्धता से राहत मिली है, वहीं जरूरत से ज्यादा पानी खेतों में जमा होने पर फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
नदियों का जलस्तर बढ़ने का सीधा असर निचले इलाकों पर पड़ रहा है। कई जगहों पर छोटे पुल-पुलियों और नदी-नालों के ऊपर पानी आने की स्थिति बन सकती है। ऐसे रास्तों पर आवागमन करना जोखिम भरा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के चलते कई नदी-नालों का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। सामान्य दिनों में जहां आसानी से नदी पार की जाती थी, वहां अब पानी का तेज बहाव देखने को मिल रहा है।
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने की कोशिश न करें और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें। फिलहाल बारिश का दौर जारी रहने से आने वाले घंटों में नदियों और जलस्रोतों के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में बस्तर के नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।