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धमतरी के बांध लबालब, चारों जलाशयों से छोड़ा जा रहा पानी, गंगरेल के 5 गेट खुले

Gangrel Dam: बारिश से बांध और जलाशय लबालब हो गए हैं। गंगरेल के 5 गेट समेत सोनढूर, मॉडमसिल्ली और दुधावा के गेट खोले गए हैं।
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धमतरी

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Love Sonkar

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Sep 25, 2026

Gangrel Dam Gate Open

धमतरी गंगरेल बांध (Photo Patrika)

Dam Water Level: धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश से जलाशयों और बांधों में पानी की आवक बढ़ गई है। जिले के प्रमुख चारों बांधों में पर्याप्त जलभराव होने के बाद अब इनसे पानी छोड़ा जा रहा है। गंगरेल बांध के 5 गेट खोले गए हैं। इसके अलावा सोनढूर, मॉडमसिल्ली और दुधावा बांध के भी गेट खोले गए हैं। जलाशयों से पानी छोड़े जाने के बाद नदी-नालों में भी जलस्तर बढ़ने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण कैचमेंट एरिया से बांधों में पानी की आवक बनी हुई है। बांधों में पानी का स्तर बढ़ने के साथ जल संसाधन विभाग द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जलभराव को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यकता के अनुसार गेटों से पानी बाहर निकाला जा रहा है।

गंगरेल के 5 गेट खुले

धमतरी जिले के प्रमुख रविशंकर जलाशय यानी गंगरेल बांध में लगातार पानी की आवक हो रही है। जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए 5 गेट खोले गए हैं। गंगरेल से पानी छोड़े जाने के कारण डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में जलस्तर बढ़ सकता है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। गंगरेल बांध में पानी की स्थिति का असर महानदी के प्रवाह पर भी पड़ता है। ऐसे में बांध से पानी छोड़ने के दौरान निचले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

सोनढूर, मॉडमसिल्ली और दुधावा से भी निकासी

गंगरेल के साथ जिले के सोनढूर, मॉडमसिल्ली और दुधावा जलाशयों के भी गेट खोले गए हैं। लगातार बारिश के चलते इन जलाशयों में भी पानी का स्तर बढ़ा है। जलाशयों में निर्धारित स्तर बनाए रखने के लिए गेटों के माध्यम से पानी की निकासी की जा रही है। चारों जलाशयों से पानी छोड़े जाने के बाद जिले के कई नदी-नालों में पानी का प्रवाह बढ़ सकता है। खासकर निचले क्षेत्रों और नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

किसानों को मिली राहत

लगातार बारिश और बांधों में बढ़ते जलभराव का फायदा खरीफ फसलों को भी मिल रहा है। जिले में धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है। जलाशयों में पर्याप्त पानी होने से सिंचाई के लिए जल उपलब्धता की स्थिति बेहतर हुई है। हालांकि अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से फसलों पर विपरीत असर पड़ने की आशंका भी रहती है।

जलस्तर पर लगातार नजर

जल संसाधन विभाग के अधिकारी बांधों में पानी की आवक और जलस्तर पर लगातार नजर रख रहे हैं। बारिश और कैचमेंट एरिया से आने वाले पानी के आधार पर जलाशयों के गेटों को खोलने या बंद करने का निर्णय लिया जा रहा है। अचानक ज्यादा पानी आने की स्थिति में अतिरिक्त निकासी भी की जा सकती है। फिलहाल धमतरी के चार प्रमुख बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले रास्तों, तेज बहाव वाले नालों और नदी के किनारे जाने से बचें।