
छत्तीसगढ़ में अटल आवास जर्जर (Photo Source- Patrika Create)
Dhamtari Atal Awas: धमतरी के विवेकानंद वार्ड स्थित अटल आवास में रविवार को बड़ा हादसा टल गया। यहां एक मकान की सीलिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। हादसे के वक्त कमरे के अंदर मौजूद युवक मलबे की चपेट में आ गया। उसके सिर, हाथ और पैर में चोट आई है। गनीमत रही कि घर के बच्चे उस समय बाहर थे, वरना स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
हादसा अटल आवास के एक मकान में रहने वाले रोशन कुमार टंडन के साथ हुआ। रोशन ने बताया कि वह उस समय घर में अकेले थे। पंखा चालू करने के लिए जैसे ही वह बिजली बोर्ड के पास पहुंचे, उसी दौरान कमरे की छत का पूरा सीलिंग हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। छत का मलबा सीधे उनके ऊपर गिरा, जिससे सिर, हाथ और पैर में चोट आई।
अचानक हुए हादसे से वह कुछ देर के लिए सहम गए। घटना के बाद घायल रोशन को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। रोशन ने बताया कि हादसे के समय घर के बच्चे बाहर थे। अगर बच्चे कमरे में मौजूद होते तो उनकी जान भी खतरे में पड़ सकती थी। घटना की जानकारी वार्ड पार्षद को दी गई, जिसके बाद पार्षद मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।
सीलिंग गिरने के बाद कमरे की हालत बेहद खराब हो गई। छत से टूटकर गिरा मलबा पूरे फर्श और बिस्तर पर फैल गया। हादसे के बाद आसपास रहने वाले लोगों में भी डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि अटल आवास के कई मकानों की हालत पहले से ही खराब है और यहां रहने वाले परिवारों को हर समय छत गिरने का डर बना रहता है।
अटल आवास में रहने वाले लोगों के मुताबिक यहां करीब 100 परिवार पिछले लगभग 30 वर्षों से रह रहे हैं। लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण कई मकानों की स्थिति जर्जर हो चुकी है। लोगों का कहना है कि अलग-अलग हिस्सों में सीलिंग और छत से जुड़े नुकसान की घटनाएं सामने आती रही हैं। अटल आवास विवेकानंद वार्ड के अध्यक्ष राजेश कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि रोशन कुमार टंडन के घर की छत का सीलिंग हिस्सा गिरने से हादसा हुआ है। रोशन को चोट आई है, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। उनके मुताबिक अटल आवास में रहने वाले करीब 100 परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
राजेश कुमार चतुर्वेदी के मुताबिक अटल आवास के मकानों की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। अगर नए निर्माण की जरूरत है तो पूरे परिसर को एक साथ खाली कराने के बजाय चरणबद्ध तरीके से काम किया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पहले एक हिस्से के मकानों का निर्माण पूरा कराया जाए। इसके बाद वहां रहने वाले परिवारों को नए मकानों में शिफ्ट कर दूसरे हिस्से का निर्माण कराया जा सकता है। इससे परिवारों को लंबे समय तक विस्थापन की परेशानी भी नहीं होगी और जर्जर मकानों की समस्या का समाधान किया जा सकेगा।
अटल आवास में रहने वाले परिवारों का कहना है कि जर्जर मकानों की जल्द मरम्मत कराना जरूरी है। रविवार को हुई घटना के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि एक मकान की सीलिंग गिरने की घटना को केवल एक हादसा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि पूरे परिसर के मकानों की स्थिति की जांच कराई जानी चाहिए।
लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग अटल आवास का निरीक्षण कर जर्जर मकानों को चिन्हित करे और जरूरी मरम्मत कराए। यदि मकानों की स्थिति ज्यादा खराब है तो नए निर्माण या सुरक्षित आवास की व्यवस्था पर भी विचार किया जाए। रहवासियों का कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
Updated on:
20 Sept 2026 06:27 pm
Published on:
20 Sept 2026 06:27 pm
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