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Chhattisgarh News: 5 किलो की बच्ची का सामान्य प्रसव से जन्म, देखकर डॉक्टर भी हैरान, पिता ने नवजात का नाम रखा तृषा

Dhamtari News: बालोद जिले के सरबदा निवासी मनीषा साहू ने दूसरी बेटी को जन्म दिया। बच्ची के अधिक वजन के बावजूद प्रसव सामान्य तरीके से हुआ। मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं।
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Chhattisgarh News

5 किलो की बच्ची (फोटो सोर्स- पत्रिका)

5 kg Baby Girl: धमतरी जिला अस्पताल में एक असामान्य प्रसव का मामला सामने आया है। बालोद जिले के ग्राम सरबदा निवासी मनीषा साहू ने सामान्य प्रसव के जरिए करीब 5 किलोग्राम वजन की नवजात बच्ची को जन्म दिया है। अस्पताल में सामान्य प्रसव से इतने अधिक वजन की बच्ची के जन्म का यह पहला मामला बताया जा रहा है। प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं। बच्ची के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। पिता रामेश्वर साहू ने अपनी दूसरी बेटी का नाम तृषा रखा है।

मनीषा साहू को प्रसव के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रागिनी ठाकुर की निगरानी में उनका सामान्य प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद जब नवजात का वजन किया गया तो उसका वजन करीब 5 किलोग्राम पाया गया। सामान्य तौर पर नवजात शिशुओं का वजन इससे काफी कम होता है। ऐसे में इतने अधिक वजन की बच्ची का सामान्य प्रसव से जन्म होना अस्पताल के चिकित्सकों के लिए भी विशेष मामला रहा।

सामान्य से अधिक वजन के नवजात का पहला मामला

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. तोमेश श्रीमाली ने बताया कि जिला अस्पताल में करीब 5 किलोग्राम वजन के नवजात का सामान्य प्रसव से जन्म का यह पहला मामला है। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर नवजात का वजन करीब 2.50 से 3 किलोग्राम के आसपास होता है। इससे अधिक वजन वाले नवजात के मामलों में प्रसव के दौरान अतिरिक्त चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता हो सकती है।

हालांकि, मनीषा के मामले में प्रसव सामान्य तरीके से सफलतापूर्वक कराया गया। प्रसव के बाद मां और बच्ची दोनों की स्थिति सामान्य है। चिकित्सकों की टीम दोनों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रही है।

अधिक वजन के नवजात में ब्लड शुगर कम होने का खतरा

डॉ. श्रीमाली के अनुसार, सामान्य से अधिक वजन वाले नवजात के मामलों में प्रसूता को मधुमेह की समस्या होने की आशंका देखी जाती है। ऐसे नवजात में जन्म के बाद ब्लड शुगर कम होने यानी हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा भी हो सकता है। इसलिए इस तरह के मामलों में बच्चे के स्वास्थ्य की निगरानी महत्वपूर्ण होती है।

मनीषा के मामले में चिकित्सकों के अनुसार उन्हें ऐसी कोई बीमारी नहीं है। प्रसव के बाद नवजात बच्ची भी स्वस्थ है। फिलहाल मां और बच्ची दोनों चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

Chhattisgarh News: दूसरी बेटी के जन्म से परिवार में खुशी

मनीषा और रामेश्वर साहू की यह दूसरी संतान है। उनकी पहली संतान भी बेटी है। दूसरी बार भी बेटी के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। पिता रामेश्वर साहू ने नवजात बेटी का नाम तृषा रखा है। रामेश्वर ने बताया कि बेटी के स्वस्थ जन्म से पूरा परिवार खुश है। खास बात यह रही कि बच्ची का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ, जिससे परिवार की खुशी और बढ़ गई। अस्पताल में भी बच्ची के अधिक वजन के साथ सामान्य प्रसव होने को लेकर चिकित्सकों के बीच चर्चा रही।

अगस्त में जिला अस्पताल में हुए 309 प्रसव

डॉ. श्रीमाली ने बताया कि अगस्त महीने में धमतरी जिला अस्पताल में कुल 309 प्रसव हुए। इनमें 178 सामान्य प्रसव और 131 सिजेरियन डिलीवरी शामिल हैं। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की स्थिति के अनुसार प्रसव की प्रक्रिया तय की जाती है।

चिकित्सकों का कहना है कि सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के साथ ही गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की स्थिति को प्राथमिकता दी जाती है। आवश्यकता के अनुसार सिजेरियन डिलीवरी की व्यवस्था भी की जाती है। मनीषा के मामले में सामान्य प्रसव सफल रहा और मां-बच्ची दोनों स्वस्थ हैं।