
किसानों की मांगों पर कांग्रेसियों ने हल्ला बोला, फिर पुलिस से हुई झूमाझटकी
जगदलपुर . शहर जिला कांग्रेस ने सोमवार को किसानों की मांगों को लेकर कलेक्टोरेट का घेराव करने निकले थे, लेकिन पुलिस जवानों ने उन्हें सिटी ग्राउंड के करीब ही रोक लिया। नाराज कांग्रेसी कार्यकर्ता जबरदस्ती आगे बढऩे की कोशिश की। इधर पुलिस भी रोकती रही, लेकिन कार्यकर्ता नहीं माने। नतीजतन कुछ ही देर में दोनो पक्षों के बीच झूमाझटकी शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन के अफसर प्रदर्शन स्थल पहुंचे और उन्हें कांग्रेसियों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही साफ किया किसानों की मांगें यदि जल्द पूरी नहीं होंगी तो वे अगली बार व्यापक आंदोलन करेंगे।
सत्ता पाते ही सारे वादे भूल जाते हैं
शहर जिला कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष राजीव शर्मा ने बताया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार पिछले 14 साल से हैं। किसानों से चुनाव के वक्त बड़े-बडे़ वादे करके हमेशा जीत हासिल कर लेते हैं, लेकिन सत्ता पाते ही सारे वादे भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज सबसे अधिक शोषित किसान वर्ग है। बोनस की मांग चुनावी साल होने के चलते इस साल मिल रहा हैं। वहीं किसानों से सीएम ने वादा किया था कि वे 2300 रुपए प्रति क्विंटल में धान लेंगे, लेकिन वे भूल गए। किसानों की फसल बर्बाद हो गई लेकिन सीएम ने उन्हें राहत देना तो छोड़ उलटे विदेश दौरे पर निकल गए थे।
प्रदेश सरकार को बताया शोषणकारी
यह सारी बातें किसान अच्छे से जान गया है, वह अपना जवाब आने वाले विधानसभा चुनाव में देंगे। इधर ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष रेखचंद जैन भी प्रदेश सरकार को शोषणकारी सरकार बताया। वहीं कांग्रेस पार्टी किसान के साथ है और जब तक उन्हें राहत नहीं मिल जाती तब तक पार्टी कार्यकर्ता शांत नहीं बैठेंगे। इस दौरान यहां सतपाल शर्मा, उमा शंकर शुक्ला, अनवर खान, सुशील मौर्य, प्रशांत जैन, अजय बिसाई, सेमियल नाथ , सत्तार अली, जाहिद खान, वेकेंट राव, महेश द्विवेदी, जिशान कुरैशी, विक्रांत सिंह, संजीव शर्मा, यशवर्धन राव, विक्रम डांगी, साकेत शुक्ला व सुरज श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या कांग्रेसी मौजूद रहे।
चांदनी चौक का पहला बैरियर तोड़ किया पार
कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने चांदनी चौक से कलेक्टोरेट की तरफ मार्ग में दो जगह स्टॉपेज बनाए थे। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के चांदनी चौक पार करते हुए जवानों ने मोर्चा संभाल लिया था। कार्यकर्ताओं की जबरदस्ती के बाद भी जवानों ने उन्हें सिटी ग्राउंड के पास ही रोक दिया।
नाराज कांग्रेसी आधे घंटे तक बैठे धरने पर
पुलिस ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को जैसे ही सिटी ग्राउंड के पास रोका वे जमीन पर धरने में बैठ गए व प्रदेश सरकार व पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब आधे घंटे बाद जब जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे तब उन्हें ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन को खत्म किया।
इन प्रमुख मांगों को लेकर उतरे सड़क पर
फसल की सूखा क्षतिपूर्ति शासन द्वारा घाषित,फसल बीमा तत्काल प्रदान रकें, बे मौसम बारिश नुकसान हुए फसल का आंकलन करने, किसानों का कर्जा माफ करने, मनरेगा से रोजगार व बकाये का भुगतान करने व धान में घोषित बोनस राशि शीघ्र देने की मांग शामिल थी।
वाटर कैनन नहीं होने से पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस टीम ने जवान तो तैनात कर दिए थे, लेकिन उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन नहीं लाया था। इसलिए जब कांग्रेसी कलेक्टोरेट की ओंर आगे बढऩे की कोशिश कर रहे थे, तो कुछ पुलिस जवानों से उनका विवाद हो गया। वहीं दूसरी तरफ झूमा झपटी भी जमकर चलती रही। वाटर कैनन रहने से आंदोलित लोगों को रोकने के लिए जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।
पहले शहीदों को दी श्रृद्धांजलि, फिर निकले घेराव के लिए
घेराव के लिए सभी कांग्रेसी रैली की शक्ल में कांग्रेस भवन से सिरहासार चौक की ओंर आगे बढ़े और शहीद स्मारक पहुंचकर रविवार को सुकमा जिल में मारे गए जवानों के प्रति संवेदना दिखाते हुए यहां दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद वे यहां से मेन रोड, चांदनी चौक होते हुए सिटीग्राउंड के पास पहुंचे जहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान सभी ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारे भी लगए।