शहर के ऐतिहासिक तालाब दलपत सागर हर बीतते दिन के साथ और भी ज्यादा बदहाल होता जा रहा है। शहर में हर कोई इस तालाब को दुबारा अपनी रंगत में देखना चाहता है लेकिन अब इस पर ट्रिब्यूनल का अड़ंगा लग चुका है।यहां कोई निर्माण नहीं हो सकता लेकिन इसकी सफाई का बीड़ा अब जिला प्रशासन ने उठा लिया है।
20 अप्रैल से दलपत सागर की सफाई अभियान
कलक्टर कटारिया ने ग्राम उदय भारत उदय अभियान में तालाब की सफाई करवाने का निर्णय लिया है। 20 अप्रैल से इसकी शुरूआत की जाएगी।
इस सफाई अभियान का हिस्सा शहर के प्रथम नागरिक महापौर जतीन जायसवाल समेत सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक संगठन व आम नागरिक बनेंगे। इधर तालाब की सफाई की कार्ययोजना तैयार हो रही है दूसरी तरफ 18 अप्रैल को तालाब को लेकर ग्रीन ट्रिब्यूनल की सेंट्रल जोनल बेंच में सुनवाई है।
तालाब को लेकर शहर में जुबानी जंग
इससे पहले तालाब को लेकर शहर में जुबानी जंग छिड़ी हुई है। दलपत सागर बचाओ मंच, निगम से जुड़े नेता आमने-सामने दिख रहे हैं। पत्रकारवार्ता, विज्ञप्ति और सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे पर लगातार हमले जारी है। हर कोई तालाब की दुर्दशा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने जुट गया है।
दूसरे के सिर मढ़ रहे अपना दोष
कांग्रेसी नेता नरेन्द्र तिवारी व दलपत सागर मंच के संजीव शर्मा ने भाजयुमो अध्यक्ष संग्राम सिंह राणा को आड़े हाथों लेते तालाब के नाम पर राजनीति का आरोप लगाया। कांग्रेसी नेता ने कहा कि तालाब के नाम पर निगम के भाजपा नेता अपनी राजनीति चमकाने का काम कर रहे हैं। भाजपा के कार्यकाल में हुए गलत कार्यों का ठिकरा अब नगर की कांग्रेस सरकार पर फोडऩे का कार्य किया जा रहा है। तालाब के लिए निगम की कांग्रेस सरकार को दोषी बता रहे हैं। जबकि इस तालाब की बदहाली के लिए पूर्व नगर सरकार जिम्मेदार है। इधर कुछ दिन पहले हुई बैठक में बीपीएस अध्यक्ष शक्ति सिंह चौहान ने भी इशारों में कहा कि तालाब के नाम पर फोटो खिंचवा कर राजनीति करने वाले लोगों को सफाई अभियान से दूर रखना चाहिए।
दलपत सागर मंच के संयोजक संजीव शर्मा पर निगम अध्यक्ष शेषनारायण तिवारी व संग्राम सिंह राणा ने तालाब के नाम पर अपनी दुकानदारी चमकाने का आरोप लगाया है। संग्राम राणा ने रविवार को बयान में कहा कि नरेन्द्र टॉकिज रोड पर लकड़ी मिल पर कब्जा करने वाले दलपत पर कब्जे की बात कर रहे हैं। दलपत सागर बचाओ आंदोलन मंच के कारण ही आज तालाब की दुर्दशा हुई है। ऐसा केवल अपने हित साधने के लिए और अपनी दुकानदारी चलाने के लिए शर्मा ने किया।
संजीव शर्मा ने इस सप्ताह प्रेस कांफें्रस लेकर निगम अध्यक्ष शेषनारायण तिवारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। शर्मा ने तालाब की बदहाली के लिए निगम की पूर्व भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि पिछले कार्यकाल में हुए कार्यों को निगम अध्यक्ष शह दे रहे हैं। पिछले कार्यकाल के दो करोड़ 90 रुपए के कार्यों का भुगतान बिना किसी वित्तीय स्वीकृति के कर दिया गया। अब नियमों को दरकिनार करते हुए अध्यक्ष तिवारी ने वित्तीय प्रस्ताव को पारित करवाया है।