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Frequent Mouth Ulcers: बार-बार होते हैं मुंह में छाले, तो हो सकते हैं गंभीर बीमारियों के संकेत

Frequent Mouth Ulcers: अक्सर हम मुंह के छालों को एक छोटी सी समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ब्रश करने और साफ-सफाई रखने के बाद भी ये छाले बार-बार क्यों होते हैं। आइए डॉक्टर सुभाष गोयल (आयुर्वेदिक) से जानते है ऐसा क्यों होता है?

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भारत

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Nidhi Yadav

Apr 09, 2026

mouth ulcer

mouth ulcer (Image- gemini)

Frequent Mouth Ulcers: गर्मी हो या सर्दी, आपने कुछ लोगों को देखा होगा कि उन्हें साल भर हर मौसम में मुंह के छालों की समस्या बनी रहती है। अपनी पसंद का कुछ भी खाने से पहले वे कई बार सोचते हैं, क्योंकि वे न तो ज्यादा तीखा खा सकते हैं और न ही खट्टा।
अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? हम में से अधिकतर लोग खुद ही डॉक्टर बन जाते हैं और सोचते हैं कि यह तो पेट की गर्मी के कारण हो रहा है। असल में, अगर आपके मुंह में बार-बार छाले हो रहे हैं, तो इन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए, डॉक्टर सुभाष गोयल (आयुर्वेदिक) से जानते हैं कि बार-बार छाले होने के पीछे के असली कारण क्या हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है।

मुंह में बार-बार छाले होने के क्या-क्या कारण होते है?(Frequent Mouth Ulcers Cause)

  • लंबे समय तक कब्ज रहना।
  • पाचन क्रिया सही से न होना।
  • विटामिन B12, आयरन और फोलिक एसिड की कमी।
  • तनाव होना।
  • नींद की पूर्ती न होना।
  • मसालेदार या एसिडिक भोजन करना।

मुंह में बार-बार छाले होना किन बिमारियों का संकेत हो सकता है?

  • इम्यूनिटी बहुत ज्यादा कमजोर होना।
  • आंतों की बीमारी (IBD)।
  • मुंह का कैंसर (Oral Cancer)।
  • ग्लूटेन एलर्जी होना।

मुंह के छालों से बचने के उपाय?(Frequent Mouth Ulcers Prevention)

  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • डाइट में हरी सब्जियां, दही, और फल शामिल करें।
  • सॉफ्ट ब्रश का उपयोग करें।
  • मानसिक तनाव को कम करें।

डॉक्टर से कब मिलें?

  • छाला 3 हफ्ते से ज्यादा रहे।
  • तेज बुखार महसूस हो।
  • मुंह के अंदर गांठ जैसा महसूस हो।
  • निगलने या बोलने में बहुत ज्यादा तकलीफ हो।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।