संपत्ति कर पर घिरे महापौर, भाजपा-कांग्रेस सड़क पर, हुआ बवाल

कांग्रेस ने संजय बाजार में तो भाजपाइयों ने गोलबाजार में एक ही मुद्दे पर लगाए आरोप- प्रत्यारोप। दोनों ही पक्षों ने एक स्वर में कहा हमने किया था मना, वह तो थोपा जा रहा है।
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Dec 21, 2016
property tax resist
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जगदलपुर.
नगर निगम इलाके के रहवासियों को आने वाले दिनों में 50 प्रतिशत तक संपत्तिकर बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा। राज्य शासन के आदेश के चलते इस अनाप- शनाप हुई कर बढ़ोतरी का विरोध करने बुधवार को कांग्रेस व भाजपाई दोनों ही ताल ठोंकते मैदान में उतर पड़े थे।


कांग्रेसियों ने संजय बाजार परिसर तो भाजपाइयों ने गोलबाजार के नजदीक जयस्तंभ के सामने मोर्चा संभाला। कांग्रेस ने कहा कि हमने पहले ही संपत्तिकर बढ़ोतरी का विरोध किया था। इस मामले को लेकर हमने राज्य शासन को पहले ही पत्र लिखकर मना कर दिया था। राज्य शासन ने निगम आयुक्त को सीधे खत लिखकर अनिवार्य तौर पर कर बढ़ोतरी करने पत्र जारी कर निर्देश दे दिया है।


महापौर जतीन जायसवाल ने कहा कि हमने एमआईसी की बैठक में संपत्तिकर का विरोध किया था। इसकी बजाए हमने नगर निगम की आय से ही इसका भुगतान करने की बात कही थी। नगरीय प्रशासन ने इसे न मानते सीधे संपत्तिकर में ही बढ़ोतरी करने कहा है। यहां धरना देने राजीव शर्मा, सतपाल शर्मा, यशवर्धन राव, मलकीत सिंह गैदू, कविता साहू सहित अन्य मौजूद थे।

निगम ने थोपा है


इधर भाजपाइयों ने कर बढ़ोतरी को लेकर महापौर की खिलाफत को हवा दे दी। गोलबाजार में उन्होंने कहा कि नगर सरकार ने आम जनों पर संपत्तिकर को थोप दिया है। एक मर्तबा जब मना कर दिया था तो उसे मानन या नहीं मानने का अधिकार उन्हीं पर है। आम जनों पर करों का बोझ डालना या कम करना नगर निगम का अधिकार है। निगम आय जुटा नहीं पा रही है तो आम आदमी के जेब में डाका डाल रही है।


संपत्तिकर के मसले को हल नहीं कर पाने की नाकामी का ठीकरा वह राज्य शासन पर डाल रही है। इसके अलावा बैक डोर से वह सफाई को लेकर अतिरिक्त कर का बोझ आम आदमी पर डाल रही है। इस मौके पर शेष नारायण तिवारी, श्रीनिवास राव मद्दी, किरण देव, संजय पांडे, रामाश्रय सिंह, राजेंद्र वाजपेयी समेत अन्य बड़ी संख्या में मौजूद थे।
Published on:
21 Dec 2016 08:46 pm