बस्तर

दीया तले अंधेरा ! State के तीसरे बड़े सब स्टेशन क्षेत्र में बच्चों का Future अंधकारमय

समस्या...अंधेरे में है स्कूल नहीं पहुंची बिजली, राज्य के तीसरे सबसे बड़े उपकेंद्र से 12 किमी दूर चिड़ईपदर स्कूल का हाल।
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Updated: 22 Dec 2017, 10:40 PM IST
Bamboo furniture
The teacher is not allowed to remove

जहां खुला राज्य का सबसे बड़ा तीसरा सब स्टेशन, वहीं के बच्चों के भविष्य में छाया अंधेरा, पढ़ें खबर

जगदलपुर . शिक्षा के मंदिर में ज्ञान का प्रकाश होता है, लेकिन प्राथमिक शाला चिड़ईपदर बिजली के प्रकाश के लिए तरस रहे हैं। हाल ही में स्कूल से 2 किमी की दूरी पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी की राज्य का तीसरा सबसे बड़ा परचनपाल उपकेंद्र का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने किया। यहां विद्युत कंपनी ने कनेक्शन तो दे दिया है, लेकिन विद्यार्थी अंधेरे में अध्ययन करने को मजबूर हैं।

एक साल से अंधेरे में है स्कूल
शहर से 12 किमी दूर चिड़ईपदर प्राथमिक शाला में विद्युत कनेक्शन तो है, बल्ब भी है, पंखे नहीं है। इसकी शिकायत विद्युत कंपनी से की जा चुकी है, लेकिन इस स्कूल का हाल भी यही है। विभाग के अधिकारियो ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। चिड़इपदर प्राथमिक शाला एक साल से अंधेरे में है। यहां विद्युत नहीं है। विद्यार्थियों ने कहा कि हमें बिजली चाहिए। हमारे स्कूल में पंखा भी नही है। हम खिड़की खोल के पड़ते हैं।

शिकायत के बाद भी नहीं हुआ सुधार
शिक्षक नीलधर बघेल ने बताया कि एक साल से बंद है, विद्युत विभाग से इसकी शिकायत की थी, लेकिन अभी तक फाल्ट को सुधारा नहीं गया है। अंधेरे में पढ़ाने में मुश्किल होती है। विद्यार्थी नंदनी, अंजलि, मोहित ने स्कूल में बिजली की मांग की है और पंखे लगाने की मांग की है। पालक बालक दास पांडे ने बताया कि शाला में बिजली नहीं है और विद्युतकर्मी इसे सुधारने के लिए भी नहीं आते हैं।

परचनपाल स्कूल में किया था सुधार
चिड़ईपदर स्कूल की तरह ही परचनपाल स्कूल में भी बिजली कनेक्शन था, पर बिजली नहीं थी, पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद विद्युतकर्मियों ने स्कूल में जाकर फाल्ट को सुधारा था।

विद्युतकर्मियों को भेजकर सुधारी जाएगी
कार्यपालन अभियंता पीएन सिंह ने बताया कि विद्युतकर्मियों को भेजकर व्यवस्था सुधारी जाएगी। विद्युत कंपनी शिकायत पर घंटे भर में विद्युत फाल्ट सुधार देते हैं।

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