बस्तर

तीन महीने के राशन का वादा फेल! बस्तर में एक महीने के लिए भी जद्दोजहद, 1.75 लाख परिवार परेशान…

PDS Issue in CG: छत्तीसगढ़ सरकार की तीन महीने का राशन एक साथ देने की घोषणा बस्तर में जमीनी स्तर पर दम तोड़ती नजर आ रही है।

2 min read
Apr 06, 2026
तीन महीने के राशन का वादा फेल! बस्तर में एक महीने के लिए भी जद्दोजहद, 1.75 लाख परिवार परेशान...(photo-patrika)

PDS Issue in CG: छत्तीसगढ़ सरकार की तीन महीने का राशन एक साथ देने की घोषणा बस्तर में जमीनी स्तर पर दम तोड़ती नजर आ रही है। जिन करीब 1.75 लाख परिवारों को इस योजना से राहत मिलनी थी, वे अब एक महीने का राशन पाने के लिए भी जद्दोजहद कर रहे हैं। अधिकांश राशन दुकानों में पर्याप्त स्टॉक नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

PDS Issue in CG: स्टॉक की कमी ने बढ़ाई परेशानी

आंकड़ों के अनुसार, बस्तर में संचालित 485 राशन दुकानों में से केवल करीब 300 दुकानों में ही आंशिक भंडारण हो पाया है। बाकी दुकानों में पर्याप्त स्टॉक नहीं पहुंचने से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ऐसे में एक साथ तीन महीने का राशन देना फिलहाल संभव नहीं दिख रहा।

नान और खाद्य विभाग में तालमेल की कमी

इस पूरी स्थिति के पीछे नान (नागरिक आपूर्ति निगम) और खाद्य विभाग के बीच तालमेल की कमी सामने आ रही है। खाद्य नियंत्रक ने भी साफ कर दिया है कि जितना स्टॉक उपलब्ध होगा, उसी के अनुसार वितरण किया जाएगा। इससे साफ है कि सरकार की घोषणा और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर है।

सर्वर और सिस्टम की दिक्कतों ने बढ़ाई मुश्किलें

फरवरी और मार्च में सर्वर डाउन और स्टॉक की कमी जैसी समस्याओं ने पहले ही वितरण व्यवस्था को प्रभावित किया था। अब अप्रैल महीने का राशन भी समय पर नहीं मिल पा रहा है और इसके मई-जून तक खिंचने की आशंका जताई जा रही है। इससे गरीब परिवारों की चिंता और बढ़ गई है।

घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर लोग

शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक उपभोक्ताओं को राशन के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। बार-बार दुकानों के चक्कर लगाने से मजदूर वर्ग का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।

उपभोक्ताओं का आरोप- कागजों में सीमित घोषणाएं

राशन लेने पहुंचे उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार की बड़ी-बड़ी घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। जमीनी स्तर पर न तो पर्याप्त तैयारी दिख रही है और न ही प्रभावी व्यवस्था। लोगों का आरोप है कि प्रशासन इस पूरी व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।

सवालों के घेरे में पूरी व्यवस्था

राशन वितरण में आई इस अव्यवस्था ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। योजना का लाभ समय पर नहीं मिल पाने से आम लोगों का भरोसा भी डगमगाने लगा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस स्थिति को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

Published on:
06 Apr 2026 01:34 pm
Also Read
View All

अगली खबर