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जगदलपुर और बीजापुर में भारी नुकसान! आकाशीय बिजली गिरने से 21 मवेशियों की हुई मौत, मौसम ने मचाई आफत

Lightning Strike Bastar: बस्तर संभाग में आकाशीय बिजली गिरने से जगदलपुर और बीजापुर में 21 मवेशियों की मौत हो गई। तेज बारिश के दौरान हुई इस घटना से पशुपालकों को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने मुआवजे और राहत की मांग की है।
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बस्तर

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Shradha Jaiswal

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Updated: 17 May 2026, 1:28 PM IST

Lightning strike Basta

Lightning strike Basta(photo-patrika)

Lightning strike Bastar: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में शनिवार को मौसम में अचानक बदलाव के बाद तेज बारिश और आकाशीय बिजली ने कहर बरपाया। जगदलपुर और बीजापुर जिलों में अलग-अलग घटनाओं में कुल 21 मवेशियों की मौत हो गई, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। जगदलपुर के चिलकुटी गांव और बीजापुर के भैरमगढ़ ब्लॉक के पोन्दुम गांव में मवेशी खुले स्थान और पेड़ों के नीचे मौजूद थे, तभी बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से सर्वे कर मुआवजा देने और प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।

Lightning strike Bastar: जगदलपुर में 11 मवेशियों की मौत

जगदलपुर शहर से लगे चिलकुटी गांव के सुरंगियापारा में आकाशीय बिजली गिरने से 11 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान मवेशी पेड़ के नीचे एक स्थान पर खड़े थे, तभी अचानक बिजली गिर गई और वे उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। ग्रामीणों ने बताया कि यह नुकसान पशुपालकों के लिए बड़ा झटका है क्योंकि उनकी आजीविका मुख्य रूप से पशुपालन पर निर्भर है।

बीजापुर में 10 मवेशी बिजली की चपेट में आए

बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक के पोन्दुम गांव में भी आकाशीय बिजली गिरने से 10 मवेशियों की मौत हो गई। घटना शनिवार शाम करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है, जब मवेशी खेत और खुले स्थान में थे। ग्रामीणों ने बताया कि मौसम बदलने के साथ अचानक बिजली गिरने से मवेशी मौके पर ही दम तोड़ बैठे।

कई पशुपालकों को हुआ भारी नुकसान

इस घटना में कई पशुपालक प्रभावित हुए हैं, जिनमें लक्ष्मण हपका, बुधराम हपका और दशरथ बघेल के दो-दो मवेशी शामिल हैं। वहीं पिंकी बघेल, सुंदरी हपका, आसमती हपका और मन्नू हपका के एक-एक मवेशी की भी मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, अधिकांश मवेशी सफेद रंग के थे और पशुपालन ही उनकी मुख्य आजीविका का साधन है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की

घटना के बाद प्रभावित परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण हुए इस नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जानी चाहिए।

मौसम विभाग की चेतावनी का असर फिर सामने आया

बस्तर क्षेत्र में बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली की घटनाएं आम होती जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े रहना इस तरह की घटनाओं में जोखिम बढ़ा देता है। प्रशासन ने भी ग्रामीणों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।