
जगदलपुर . संभाग के सबसे बड़े महारानी अस्पताल में व्यवस्था की पोल गुरुवार को कलक्टर की औचक जांच में खुल गई। शाम करीब छह बजे कलक्टर जैसे ही अस्पताल पहुंचे वहां 35 डॉक्टरों की जगह मात्र एक जूनियर डॉक्टर ड्यूटी पर मिला। कलक्टर ने इसे शर्मनाक बताया और अधीक्षक को फटकार भी लगाई।
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डॉक्टर की कुर्सी खाली देख भड़के कलक्टर
बिना सूचना पहुंचे कलक्टर ने सबसे पहले आपातकालीन कक्ष में प्रवेश किया तो यहां डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। इसके बाद वे चिल्ड्रन वार्ड पहुंचे, जहां इलाज के लिए भर्ती एक बच्चे के परिजन से पूछा दिन भर में कितने बार डॉक्टर देखने आए। इस पर बच्चे के पिता ने कहा केवल एक बार ही इंजेक्शन लगाने नर्स आई थी, इसके अलावा कोई देखने नहीं आया।
एक-एक करते सभी वार्डों का किया निरीक्षण
इसके बाद वे एक-एक करते हुए फिमेल मेडिकल वार्ड, मेल मेडिकल वार्ड, सर्जिकल वार्ड करते हुए सभी 15 वार्डो का निरीक्षण किया गया। जिसमें से केवल मेल मेडिकल वार्ड में ही एक जूनियर डॉक्टर मौजूद मिला। इस पर कलक्टर ने उनसे हाथ मिलाकर शाबासी दी। इसके अलावा 14 वार्डों में एक भी डॉक्टर नहीं मिलने कलक्टर काफी नाराज नजर आए।
ड्यूटी चार्ट में 35 डॉक्टर
जब कलक्टर ने ड्यूटी चार्ट में 35 डॉक्टर का नाम देख अनुपस्थिति को लेकर अविनाश मेश्राम से सवाल किया तो वे बगल में झांकने लगे। फिर उन्होंने डॉक्टर की गैर मौजूदगी के लिए एचओडी को जवाबदेह बताया। यह सुनकर कलक्टर उन पर नाराज हुए।
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अनुपस्थित डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के उपरांत कलक्टर धनंजय देवांगन और जिला पंचायत सीईओ रीतेश अग्रवाल ने अधीक्षक कार्यालय में अविनाश मेश्राम, डॉक्टर केएल आजाद के साथ करीब एक घंटे तक बैठक की। अस्पताल संबंधित अन्य विषयो में जानकारी ली गई। डॉक्टर की गैर मौजूदगी को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी करने कहा है।