
बस्तर के लिए अब दोहरी ट्रांसमिशन लाइन बिछेगी, एक बंद तो दूसरा होगा चालू, जानिए कैसे
जगदलपुर . बस्तर में दुर्गम जंगल और पहाड़ हैं। इसमें ट्रांसमिशन लाइन के बड़े बड़े टावर खड़े करके तार खींचना कठिन होता जा रहा है। एेसे मंे छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने एेसे क्षेत्रों में दोहरी लाइन बिछाने की पहल की है। किसी कारण एक लाइन में व्यवधान होता है तो दूसरे लाइन से विद्युत आपूर्ति की जा सकेगी।
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लाइन बिछने से ये दिक्कतें होंगी खत्म
विद्युत कंपनी की एमडी तृप्ति सिन्हा ने बताया कि इस ट्रांसमिशन लाइन के बिछने से बस्तर में व्यवधान रहित बिजली मिलेगी। बस्तर संभाग को ब्लैक आउट जैसी स्थित से मुक्ति मिलेगी। इससे ज्यादा फाल्ट भी नहीं आता। जगदलपुर से बारसूर के पारेषण लाइन 174 किलोमीटर लंबा है। यह 77 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। एेसे स्थल जहां पहुंचा नहीं जा सकता है वहां ग्रामीणों को सोलर किट देंगे।
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खुलेंगे 132 केवी के उपकेंद्र
बीजापुर, कोंडागांव, सुकमा, पखांजुर, दोरनापाल, नारायणपुर, चारामा में 132 केवी उपकेंद्र खोलने की योजना बनाई गई है। इसे जून 2018 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माणधीन केंद्र के चालू होने से अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ संपूर्ण बस्तर में व्यवधानरहित बिजली मिलेगी। कंपनी के सहायक प्रकाशन अधिकारी गोविंद पटेल ने बताया कि जगदलपुर और नारायणपुर में 220 केवी का उपकेंद्र कार्य प्रगति पर है। इन उपकेंद्र के खुलने से बस्तर के हर घर बिजली से रोशन होंगे।