हरैया तहसील मे किसान नेताओ और लेखपालो ने जमकर हुआ हंगामा
बस्ती. एक तरफ जहां मुआवजे की मांग को लेकर किसान आत्महत्या कर रहे थे, जिसके बाद सरकार ने किसानों को मुआवजे देने का ऐलान किया है। इसके बाद अब सरकारी विभाग के कर्मचारियों की करतूत भी सामने आ रही हैं। कभी लेखपालों की मनमानी रवैया तो कभी उनकी दंबगई के मामले देखने को मिल रहे हैं। ताजा मामला हरैया तहसील परिसर की है। जहां किसान यूनियन के पदाधिकारियों से खसरा देने के लिए मांगे लेखपाल ने 500 रूपये मांगें। पैसा दिए जाने से इनकार किए जाने पर लेखपालों ने किसानों को जमकर पीट दिया। बवाल इतना बढ़ गया कि पांच थानों की पुलिस के साथ कलवारी को भी मौके पर पहुंचकर मोर्चा सम्भालना पड़ा। तहसील परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
बतादें कि किसानों से खसरा लेने के लिए लेखपाल ने पांच सौ रूपया मांगा था। भाकियू के हस्तक्षेप करने पर भड़के लेखपालों ने जमकर तांडव मचा दिया। हर्रैया तहसील परिसर में किसान यूनियन के पदाधिकारियों को लेखपालों ने जमकर पीटा। तहसील में हाजरी देने पहुंचे सभी लेखपालों ने सोची समझी रणनीति के तहत कम संख्या में आये भाकियू के सदस्यों के साथ फरियादियों की भी जमकर पिटाई कर दिया। बवाल इतना बढ़ गया कि पांच थानों की पुलिस के साथ सीओ कलवारी को भी मौके पर पहुंचकर मोर्चा सभालना पड़ा। तहसील परिसर पुलिस छावनी में तबदील हो गया।
भाकियू के कार्यकर्ता गेट बंदकर दोषी लेखपालों पर सख्त कार्यवाही की मांग पर डटे हुए है। कुछ लेखपाल भाग खड़े हुए। खबर लिखे जाने तक भाकियू कार्यकर्ता तहसील परिसर में धरने पर बैठे हुए है। तहसील परिसर में लेखपालों ने अधिकारियों की मौजूदगी में जमकर तांडव मचाया। तहसील में जमीन की पैमाइस के लिए कई किसानों को एसडीएम के आदेश के बावजूद लेखपालों द्वारा परेशान किया जा रहा था। हबीबुल्लाह दो महीने से तहसील के चक्कर लगा रहे है लेकिन अभी तक उनकी जमीन की पैमाइस नहीं किया गया। हबीबुल्लाह ने बताया कि कानूनगो व लेखपाल द्वारा परेशान किया जा रहा है। पीड़ित रामजस और जैमुननिश ने बताया घर के सामने लगे नल व चौकी को दंबगो द्वारा तोड़ दिया गया लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं की गई।
शुक्रवार को नांदेकुआ गांव निवासी शिवलाल को खसरा देने के लिए लेखपाल हर्षबर्धन ने 500 रूपयो की मांग किया जिस पर साथ आये भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष रामसिंह ने एतराज जताया तो लेखपाल मारपीट पर उतारू हो गया।
बीच वचाव में रामसिंह के सिर में गभीर चोट आई। देखते देखते मामला ने तूल पकड लिया। बतादें शुक्रवार को लेखपालो की हाजरी होने के चलते तहसील के सभी लेखपाल इक्ट्ठा होते है। भाकियू के कार्यकर्ता जब पीडितो को लेकर तहसील परिसर में पहुंचे तभी लेखपालो ने पीडितो सहित भाकियू कार्यकर्ताओ पर हमला बोल दिया और अचानक हुए हमले से भाकियू के उपपाध्यक्ष रामसिंह व बाबूलाल गंभीर रूप से घायल हो गये। अचानक उपजे बवाल से तहसील परिसर में अफरा तफरी मच गयी। तत्काल पांच थानो की फोर्स को बला लिया गया। पूरा तहसील पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। हर्रैया तहसील परिसर में उपजे बवाल पर एसडीएम हर्रैया दिनेश कुमार ने बताया कि मामले की जांचकर कार्यवाही की जायेगी। खबर लिखे जाने तक भाकियू कार्यकर्ता धरना जारी रखेगें और लेखपाल के खिलाफ थाने मे लिखित शिकायत कर दी है।