बस्ती से अयोध्या जा रहे फोरलेन पर NHAI बड़ा गोलमाल पकड़ी है। मामला रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान का है उस समय हरियाली और खुबसूरती के लिए कई कंपनियों को पौधा लगाने का लाखों का ठेका दिया था।
जिले से गुजर रहे अयोध्या फोरलेन पर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय लगभग 65 लाख रूपए के पौधों में अधिकांश गायब हो गए हैं, फोरलेन के बीच बने डिवाइडर पर हरियाली और सुंदरता को बढ़ावा देने के लिए 20 हजार पौधे लगाए गए थे, इसके लिए दो कंपनियों को पौधा लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी, लापरवाही का ऐसा इल्म रहा की बड़ी संख्या में पौधे ही गायब हो गए।
22 जनवरी को अयोध्या में भव्य राम मंदिर में रामलला की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मार्गों की शोभा बढ़ाने के लिए नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) की ओर से खलीलाबाद से अयोध्या तक फोरलेन के मध्य बने डिवाइडर पर पुराने पौधों के बीच टिकोमा, कैलेन्ड्रा और साइकस ब्लैक के पौधे लगाए गए थे। संबंधित कंपनियों ने पौधों को जैसे-तैसे लगा दिया। तमाम पौधे जमीन के अंदर ठीक ढंग से लगाने की बजाए पन्नी सहित ऐसे ही छोड़ दिए गए, जिससे वह सूख गए। वहीं जिन पौधों को ठीक ढंग लगाया गया, उनकी भी देखभाल ही नहीं की गई न ही उन्हें समय से पानी दिया गया, जिसके चलते उनमें से भी अधिकांश पौधे सूख गए।
ए टू जेड कंपनी ने 39.79 लाख रुपए खर्च कर 15,000 पौधे लगवाए थे, जबकि कास्मोस ने 25.62 लाख रुपए खर्च कर 5,500 पौधे लगाए थे। ए टू जेड के पौधे कहीं-कहीं नजर भी आ रहे हैं, मगर कास्मोस की ओर से लगाए गए पौधों का कहीं पता नहीं है। ए टू जेड की ओर से लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाने की बात कही गई थी, मगर अधिकांश स्थानों पर न तो ट्री गार्ड दिख रहे हैं और न ही पौधे।
NHAI के पीडी ललित प्रताप पाल कहते हैं कि दोनों कंपनियों की ओर से कराए गए पौधरोपण की जांच एक बार की गई है। कास्मोस कंपनी की ओर से पौधरोपण में गड़बड़ी पाई गई है। उसके विरुद्ध कार्रवाई प्रक्रिया चल रही है। ए टू जेड कंपनी की ओर से कराए गए पौधरोपण की एक बार फिर से जांच कराई जाएगी।