जिला सहकारी बैंक में जालसाज का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सहकारी बैंक के दुबौलिया शाखा में फर्जी तरीके से खाता खोलकर बाढ़ और सूखा राहत का लाखों रूपये जालसाज ने हड़प लिये और पिछले 8 साल से जिला प्रशासन इस मामले में कार्रवाई नहीं कर पाया।
एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच कराई जा चुकी है और तथ्य सही भी पाये गये हैं, जिसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दिया गया है। वहीं, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दुबौलिया सहकारी बैंक की शाखा में 2007 में कृष्ण प्रताप सिंह नाम से एक खाता खोला गया, मगर उसमें फोटो किसी अन्य का लगा दिया गया। इतना ही नहीं जालसाज ने खाता खोलने के लिये लगने वाले प्रमाण पत्र भी किसी अन्य व्यक्ति का लगाकर खाता खोलने में कामयाबी पा ली।
इस फर्जीवाड़े की जानकारी बैंक के अफसरो को थी मगर वे चुपचाप जालसाज का साथ देते रहे। तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर कर सुशील कुमार ने बाढ़ राहत का एक लाख 25 हजार रूपये विभिन्न चेकों के माध्यम से अपने खाते में ट्रांसफर करा लिया।
इस मामले को लेकर जांच की प्रक्रिया इतनी लंबी चली कि आज तक इसका निस्तारण नहीं हो सका। शिकायत करने वाले रामसनेही ने कहा कि किसानों का हक जालसाज ने बैंक वालों से मिलकर बंदरबाट कर लिया। अपने हक को हासिल करने के लिये वह लंबी लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन जांच अधिकारी कोई कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं।