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गोल्ड लोन में बड़ा फर्जीवाड़ा! असली सोने की जगह नकली गहने, ICICI बैंक में 1.38 करोड़ की हेराफेरी से मचा हड़कंप

ICICI Bank Scam: बिलासपुर में ICICI बैंक की मंगला शाखा में 1.38 करोड़ रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। डिप्टी ब्रांच मैनेजर और उसके पति पर गोल्ड लोन और एफडी खातों में गड़बड़ी कर करोड़ों की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

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गोल्ड लोन में बड़ा फर्जीवाड़ा! असली सोने की जगह नकली गहने, ICICI बैंक में 1.38 करोड़ की हेराफेरी से मचा हड़कंप(photo-patrika)

गोल्ड लोन में बड़ा फर्जीवाड़ा! असली सोने की जगह नकली गहने, ICICI बैंक में 1.38 करोड़ की हेराफेरी से मचा हड़कंप(photo-patrika)

ICICI Bank Scam: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बैंकिंग सिस्टम को झकझोर देने वाला एक बड़ा घोटाला सामने आया है। मंगला स्थित ICICI बैंक शाखा में 1.38 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का खुलासा हुआ है। इस मामले में बैंक की डिप्टी ब्रांच मैनेजर और उसके पति पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिन्होंने मिलकर ग्राहकों के गोल्ड लोन और एफडी खातों में गड़बड़ी कर करोड़ों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

ICICI Bank Scam: गोल्ड लोन में फर्जीवाड़ा, असली सोने की जगह नकली गहने

मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक प्रबंधन ने रिकॉर्ड और लॉकर की जांच की। जांच के दौरान गोल्ड लोन के पाउच में असली सोने की जगह नकली आभूषण पाए गए। इससे साफ हो गया कि ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे गए सोने के साथ छेड़छाड़ की गई है और बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ है।

एफडी और खातों में भी गड़बड़ी, लाखों का नुकसान

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ग्राहकों के एफडी और अन्य खातों में भी अनियमितताएं कीं। फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए करीब 87.95 लाख रुपये के 14 अवैध ट्रांजेक्शन किए गए। वहीं एक महिला ग्राहक की 30 लाख रुपये की एफडी पर ओवरड्राफ्ट कर बिना अनुमति 28.29 लाख रुपये निकाल लिए गए।

रिकॉर्ड गायब, बैंक प्रबंधन में हड़कंप

मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब कई ग्राहकों के फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश से जुड़े दस्तावेज और वाउचर बैंक रिकॉर्ड से गायब पाए गए। इससे बैंकिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

अगस्त 2024 से सितंबर 2025 तक चलता रहा खेल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा घोटाला अगस्त 2024 से सितंबर 2025 के बीच अंजाम दिया गया। इस दौरान आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग खातों और योजनाओं के जरिए करीब 1.38 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।

मोबाइल ऐप एक्सेस लेकर की ठगी

बताया जा रहा है कि आरोपी महिला अधिकारी ग्राहकों के घर जाकर बैंकिंग सेवा देने के नाम पर उनके मोबाइल ऐप का एक्सेस लेती थी। इसके बाद वह खातों से लेनदेन कर धोखाधड़ी को अंजाम देती थी। इस पूरे खेल में उसका पति भी सक्रिय रूप से शामिल था।

केस दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी

घटना की जानकारी मिलते ही बैंक प्रबंधन ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी एस.आर. साहू के अनुसार डिप्टी ब्रांच मैनेजर, उसके पति और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है, जो 22 सितंबर 2025 से फरार बताए जा रहे हैं।

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